दिल्ली में AAP की सरकार में कौन-कौन मंत्री बनने जा रहे हैं, यह बात अब साफ हो चुकी है. अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बनेंगे और उनकी कैबिनेट में कुल 6 मंत्री होंगे.
केजरीवाल के मंत्रिमंडल में सोमनाथ भारती, मनीष सिसोदिया, राखी बिरला, गिरीश सोनी, सौरभ भारद्वाज, सत्येंद्र जैन को जगह मिलना तय है. ऐसा समझा जा रहा है कि मनीष सिसोदिया को केजरीवाल के बाद 'नंबर 2' का दर्जा हासिल होगा.
1 से 7 जनवरी तक पहला सेशन
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा का पहला सेशन 1 जनवरी से लेकर 7 जनवरी तक चल सकता है. विधानसभा के सभी सदस्य 1 और 2 जनवरी के बीच शपथ लेंगे. 3 जनवरी को सरकार 'विश्वास प्रस्ताव' पेश कर सकती है, जिस पर वोटिंग होगी. साथ ही उपराज्यपाल नजीब जंग 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा को संबोधित करेंगे.
बहरहाल, लगातार बढ़ती ठंडक के बीच दिल्ली की सियासत में गरमाहट उफान पर है. AAP और कांग्रेस के बीच समर्थन लेने और देने के मसले पर बयानबाजी चल रही है. कांग्रेस के भीतर भी AAP को समर्थन के मुद्दे पर विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं.
जनार्दन द्विवेदी ने खुद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि कांग्रेस के सीनियर लीडरों का एक बड़ा तबका मानता है कि AAP को समर्थन देने की कोई जरूरत नहीं है. हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस दिल्ली विधानसभा में सीमित रूप से 'विपक्ष की भूमिका' निभाती रहेगी.
इतना ही नहीं, जनार्दन द्विवेदी ने एक कदम आगे बढ़कर परोक्ष रूप से AAP पर हमला करते हुए कहा कि 'अतिवाद' और 'आतंकवाद' में ज्यादा फर्क नहीं होता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी भी अतिवादी रुख नहीं रखती है.
नामी-गिरामी उम्मीदवारों को पटखनी देने वालों को प्राथमिकता
केजरीवाल के कमांडरों इस सूची ये साफ है कि उन विधायकों को कैबिनेट में ज्यादा तवज्जो दी गई जिन्होंने नामी-गिरामी उम्मीदवारों को हराया. जैसे ग्रेटर कैलाश से सौरभ भारद्वाज, जिन्होंने वीके मल्होत्रा के बेटे अजय कुमार मल्होत्रा को पटखनी दी या फिर मंगोलपुरी सीट पर कांग्रेस के कद्दावर नेता राजकुमार चौहान को धूल चटाने वाली राखी बिरला. अगर पेशे या फिर शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो मनीष सिसोदिया व राखी बिरला पेशे से पत्रकार रह चुके हैं व सौरभ भारद्वाज और सोमनाथ भारती कानून की डिग्री रखते हैं जिसका इस्तेमाल प्रशासनिक कामों और कानून बनाने के लिए होगा.
इस मंत्रिमंडल में युवाओं को तरजीह दी गई है. सबसे उम्रदराज मंत्री होंगे 49 वर्षीय सत्येंद्र कुमार जैन. शकूर बस्ती के सत्येंद्र कुमार जैन जो पेशे से आर्किटेक्ट हैं, वे सीपीडबल्यूडी में काम कर चुके हैं. जातीय समीकरण के लिहाज से देखें तो राखी बिरला को मंत्री बनाने के फैसले के पीछे दलित वोटरों को लुभाने का सियासी दांव साफ नजर आता है. इसके अलावा पार्टी उन्हें महिला चेहरे के तौर पर भी प्रोजेक्ट करना चाहती है.