यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने इंडिया टुडे कॉनक्लेव में बीजेपी और अपने राजनीतिक विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में सांप्रदायिक दंगों के पीछे बीजेपी का हाथ है.
टीवी टुडे ग्रुप के एडिटर एट लार्ज राहुल कंवल ने अखिलेश यादव से पूछा कि आखिर गुजरात में साल 2002 के बाद एक भी दंगा नहीं हुआ, जबकि यूपी में सैंकड़ों जगह दंगे क्यों हुए? यूपी सीएम ने कहा, 'आखिर ये दंगे कराने वाले कौन हैं? बीजेपी के लोग ही तो दंगे कराते हैं.'
अखिलेश ने कहा कि यूपी में दूसरी किस्म की वारदात को भी बीजेपी वाले हिंदू-मुस्लिम के बीच सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाला मामला बना देते हैं. इसी वजह से दंगे होते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां लगातार इस तरह की घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही हैं.
जब इस युवा मुख्यमंत्री से यह पूछा गया कि आखिर यूपी में बीजेपी की रैलियों में इतनी भारी भीड़ कैसे जुटती है, तो उन्होंने कहा कि बीजेपी की रैलियां में लोग काफी जगह छोड़कर बैठते हैं. उन्होंने कहा कि सपा की किसी भी रैली का जवाब बीजेपी के पास नहीं है.
अखिलेश ने खुलकर अपने दिल की बात लोगों के सामने रखी. अपने पिता मुलायम सिंह यादव से लगातार डांट पड़ने पर अखिलेश ने कहा कि जिन बच्चों को मां-बाप की डांट नहीं पड़ती, वे बिगड़ जाते हैं.
कॉनक्लेव में राहुल कंवल के सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि वे यह आकलन ही नहीं कर पाते कि कब उनके पिता बोल रहे हैं, कब राष्ट्रीय अध्यक्ष. उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने पर उनके पिता तारीफ भी करते हैं.
अखिलेश ने सार्वजनिक तौर पर यह बात बताई कि शादी के बाद ही उनकी किस्मत खुल गई और वे राजनीति में आ गए.
अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में चाहे इंडस्ट्री की बात हो या आईटी सेक्टर की, खेती की बात हो या स्वास्थ्य की, हर क्षेत्र में पूरा काम हुआ है. उन्होंने बेरोजगारी भत्ता, किसान दुर्घटना बीमा, 3 नए मेडिकल कॉलेजों सहित कई योजनाएं गिनवाईं.
अखिलेश ने कहा कि चूंकि यूपी बड़ा प्रदेश है, सबसे ज्यादा आबादी वाला प्रदेश है, इस वजह से कुछ दिक्कतें आती हैं. अगर यूपी बदलेगा, तो देश बदलेगा.
अखिलेश ने कहा, 'आप केंद्र सरकार के 10 साल देखें, पहले ही बीएसपी सरकार के 5 साल देखें, उसके मुकाबले हमारे 2 साल का कामकाज देखें, आपको तरक्की का पता चल जाएग'
जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि आखिर अरविंद केजरीवाल इतने कम समय में कैसे सीधे आम लोगों के दिलोदिमाग पर छाने में कामयाब रहे, तो उन्होंने कहा कि केंद्रीय राजनीति और क्षेत्रीय राजनीति में अंतर है. दिल्ली के लोगों की समस्याएं अलग हैं, उनके मुद्दे अलग हैं. उन मु्द्दों के बीच केजरीवाल उभरे.
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