लोकसभा चुनाव में झंडा बुलंद करने के बाद अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी का पलड़ा भारी है. ऐसा मानना है कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं का. यह खबर एक अंग्रेजी अखबार ने दी है.
अखबार के मुताबिक 15 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार में बहुत कटुता दिखाई दी. नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर कीचड़ उछाला और जुबानी हमले किए. ऐसा इसलिए हुआ कि वहां को दोनों ही गठबंधन टूट गए.
अब कांग्रेस और एनसीपी के नेता खुले आम कह रहे हैं कि इन चुनाव में बीजेपी का पलड़ा भारी है. वहीं कांग्रेस, एनसीपी, शिव सेना और मनसे से आगे है. एक वरिष्ठ कांग्रेसी ने कहा कि हो सकता है कि बीजेपी को बहुमत न मिले लेकिन वह उन सबसे आगे है.
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों से पता चलता है कि बीजेपी विदर्भ और मराठवाड़ा में भी पैठ जमाने में सफल रहेगी. इतना ही नहीं वह कांग्रेस का गढ़ समझे जाने वाले पश्चिमी महाराष्ट्र में भी अपनी छाप छोड़ेगी.
उस कांग्रेसी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के दिनों में अपना करिश्मा फिर दिखाया है. उन्होंने विधानसभा चुनाव को व्यक्तिगत मुद्दा बना लिया है. यह राज्य की राजनीति में पहला मौका है कि किसी पीएम ने विधानसभा चुनाव में इतना वक्त दिया है. उन्होंने गांवों में भी चुनाव रैलियां संबोधित की हैं और उसका असर साफ दिख रहा है.
कांग्रेस के प्रवक्ता अनंत गाडगिल ने कहा कि कांग्रेस पर बहुत दवाब है. उसके लिए सत्ता बचाए रखना बेहद कठिन है. एक पूर्व कांग्रेसी मंत्री ने कहा कि मोदी ने पूरे राज्य में खलबली मचा दी है जबकि कांग्रेस तो विधानसभा चुनाव के पहले ही हार गई. पार्टी के सभी बड़े नेता चुनाव में एक्शन से गायब हैं.