बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही नरेंद्र मोदी से जितनी मर्जी दूरी बना लें, लेकिन नरेंद्र मोदी की पार्टी बीजेपी बिहार में उन्हें जबरदस्त नुकसान पहुचाने जा रही है. नील्सन द्वारा एक न्यूज चैनल के लिए किए गए सर्वे में बताया गया है कि बिहार की 40 में से 19 सीटें बीजेपी की झोली में जा रही हैं, जबकि 2 सीटें उसकी सहयोगी एलजेपी भी जीत सकती है. गौरतलब है कि 2009 में हुए पिछले आम चुनाव में बीजेपी को यहां 11 सीटें हाथ लगी थीं, तब जेडीयू और बीजेपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था.
लेकिन बीजेपी के लिए चिंता की बात यह है कि इसी चैनल के पिछले सर्वे में बीजेपी को ज्यादा सीटें हासिल होने का अनुमान लगाया गया था. जनवरी में कराए गए सर्वे में बीजेपी को 24 और फरवरी के सर्वे में पार्टी को 21 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था. ताजा सर्वे चिंता का विषय इसलिए भी है कि हर सर्वे में बीजेपी का आंकड़ा नीचे की ओर आ रहा है और आम चुनाव सिर पर हैं.
2009 के आम चुनाव में सिर्फ चार सीटें जीतने वाली लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी 2014 में 10 सीटें जीत सकती है. लालू के लिए खुशी की बात यह है कि पिछले सर्वे में उनकी पार्टी को सिर्फ 5 सीटें मिलने का अनुमान था.
इस सर्वे में सबसे ज्यादा चिंता की बात जेडीयू के लिए है क्योंकि 2009 में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली जेडीयू को जहां 20 सीटें मिली थीं वहीं 2014 में उसे केवल 6 सीटें मिलने का अनुमान है. बीजेपी से अलग हुए नीतीश कुमार से यहां की जनता खुश नहीं दिख रही है, फरवरी में किए गए पिछले सर्वे में उनकी पार्टी को 9 सीटें मिलने का अनुमान था.
कांग्रेस को लोक जनशक्ति पार्टी को 2-2 सीटें मिल सकती हैं. एलजेपी के लिए ये खुशी की बात है क्योंकि पिछले चुनाव में उन्हें एक भी सीट हासिल नहीं हुई थी, जबकि कांग्रेस इस सर्वे से निराश होगी. कांग्रेस को 2009 के पिछले चुनाव में 5 सीटें मिली थीं.
गठबंधन के रूप में कांग्रेस-आरजेडी को कुल 26 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जिसके अनुसार उन्हें 12 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी-एलजेपी गठबंधन को 38 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिसकी छोली में 21 सीटें जा सकती हैं. इस सर्वे में जेडीयू को सिर्फ 12 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिसे सीटों में तब्दील किया जाए तो वो 6 सीटें जीत सकती है. अन्य को 24 प्रतिशत मत मिलने का अनुमान है और उनकी झोली 1 सीट आ सकती है.