बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को दावा किया कि अगर बिहार में NDA गठबंधन चुनाव जीतता है तो केंद्र में उसकी सरकार अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण समाप्त कर देगी क्योंकि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण नीति की समीक्षा का आह्वान किया है.
महिलाओं को देंगे 35 फीसदी आरक्षण
खगडि़या जिले के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा, 'आरएसएस प्रमुख ने सार्वजनिक तौर पर आरक्षण नीति की समीक्षा की बात कही है, जिसे केंद्र की बीजेपी नीत गठबंधन सरकार बिहार में NDA के सत्ता में आने पर समाप्त कर सकती है. कुमार ने वादा किया कि अगर उनका महागठबंधन फिर से सत्ता में आता है तो महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 फीसदी आरक्षण देगा.
नहीं चाहिए खैरात...
अगले पांच वर्षों में राज्य के विकास के लिए 2.70 लाख करोड़ रपये की उनकी नीति का उपहास उड़ाने के लिए बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति नीतीश ने रोष जताया और कहा, 'आप चिंतित नहीं हों कि हम कैसे संसाधन जुटाएंगे. विकास के मोर्चे पर लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमारे पास पर्याप्त राजस्व हैं.' मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विभिन्न स्रोतों जिससे आने वाले वर्षों में राजस्व जुटाया जाएगा उसको ध्यान में रखने के बाद दृष्टि पत्र बनाया है. नीतीश ने कहा हम किसी के खैरात पर निर्भर नहीं रहेंगे.
प्रधानमंत्री ने पिछले महीने कुमार के दृष्टि पत्र का मजाक उड़ाते हुए पूछा था कि वह अपने विकास के एजेंडा को लागू करने के लिए वह कहां से धन जुटाएंगे. नीतीश ने विदेश से काला धन वापस लाने समेत अन्य वादों को पूरा नहीं करने के लिए एनडीए सरकार की आलोचना की. कुमार ने विकास के गुजरात मॉडल की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के गृह राज्य में महिलाओं की दयनीय दशा और बेरोजगारी अलग कहानी बयां करती हैं. मुख्यमंत्री ने दिन में पांच चुनावी सभाओं को संबोधित किया.
-इनपुट भाषा