बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही LJP के युवा सांसद चिराग पासवान ने एनडीए में सीटों के बंटवारे पर किसी भी तरह की फूट से इनकार किया है. चिराग ने कहा कि हम लोगों में आपस में कोई आग नहीं है.
आज तक से सीधी बात में चिराग ने कहा कि हम जल्दबाजी में कुछ नहीं करना चाहते. गठबंधन की अपनी लिमिटेशंस और मजबूरियां होती हैं. मुझे मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं बनना.
मांझी की सीटों से मतलब नहीं
चिराग ने कहा कि जीतनराम मांझी को कितनी सीटें मिलती हैं इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है. हमारा मतलब तो उपेंद्र कुशवाहा के गठबंधन से है.
मांझी बड़े या पासवान
यह पूछे जाने पर कि मांझी बड़े नेता हैं या पासवान, चिराग बोले- कौन बड़ा नेता है, मैं इसमें नहीं जाना चाहता. मांझी कई बार क्या बोल जाते हैं, मुझे पता नहीं चलता. रामविलास मुझसे ज्यादा ऊर्जा से काम करते हैं.
CM उम्मीदवार का फैसला BJP लेगी
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर चिराग ने कहा कि गठबंधन में BJP सबसे बड़ी पार्टी है. CM पद के उम्मीदवार का फैसला भी वही करेगी.
वंशवाद का किया विरोध
चिराग ने राजनीति में वंशवाद का विरोध किया. उन्होंने कहा कि मैं परिवारवाद और वंशवाद में निजी तौर पर विश्वास नहीं करता. लेकिन किसी योग्य को सिर्फ किसी बड़े नेता से जुड़े होने के कारण टिकट न मिले तो यह भी ठीक नहीं होगा.
मेरे कजन को नहीं मिलना चाहिए टिकट
चिराग ने कहा कि मेरे हिसाब से मेरे कजन को टिकट नहीं मिलना चाहिए. अगर पार्टी में मेरी चलती तो मैं टिकट नहीं देता. लेकिन रातों-रात सबकुछ नहीं बदल जाता है. मुझ पर बड़ी जिम्मेदारी है. इसलिए मेरे लिए अकेले सभी निर्णय लेना संभव नहीं.
महेश शर्मा से सहमत नहीं
चिराग ने महेश शर्मा के बाइबल और कुरान वाले बयान पर हुए विवाद पर कहा कि वह मंत्री से सहमत नहीं हैं. चिराग ने कहा कि यह व्यक्तिगत निर्णय होना चाहिए कि किसे क्या पढ़ना है. वहीं लड़कियों के रात में घूमने वाले बयान पर चिराग ने कहा कि लड़कियों को इसकी पूरी आजादी होनी चाहिए कि वे जैसा चाहें पहनें और जहां चाहें घूमें. अब्दुल कलाम पर दिए बयान पर चिराग ने कहा कि महेशजी ने शब्दों का चयन ठीक नहीं किया.