बीजेपी की ओर से पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को बोटी-बोटी करके फेंकने की चाहत रखने वाले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. कोर्ट से बाहर आते हुए एक बार फिर मसूद ने मोदी पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि वो (मोदी) देश का सबसे बड़ा खलनायक है.
मोदी के खिलाफ हमेशा लड़ता रहूंगा...
इमरान मसूद ने कहा, 'सपा और बीजेपी की मिली भगत है. सपा और बीजेपी की वजह से यह सब हुआ है. मोदी से किसी कीमत पर माफी नहीं. मुकाबला करने के लिए हमेशा लड़ता हूं और हमेशा लड़ता रहूंगा. सांप्रदायिक सौहार्द बनाने के लिए मुझे जो कुछ करना पड़ेगा चाहे अपनी जान भी देनी पडे मैं अपनी जान भी दूंगा. मुझे सिर्फ़ उन शब्दों पर अफसोस है, लेकिन मोदी से कोई माफी का मतलब नहीं क्योंकि वो असंसदीय शब्द थे उनके लिए मैं पहले खेद व्यक्त कर चुका हूं, उसके ऊपर कायम हूं. लेकिन मोदी स्टेट का सबसे बड़ा खलनायक है, निश्चित रूप से मोदी के लिए हमेशा लड़ाई लड़ूंगा.'
14 दिनों के लिए जेल पहुंचे मसूद
मसूद को देवबंद कोर्ट की जुडिशियल मजिस्ट्रेट अर्चना रानी ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद के खिलाफ मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी पर थाना देवबंद कोतवाली में शुक्रवार को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 ए, 295 ए और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125, 504, 506, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.
इमरान मसूद को पुलिस ने रात में ही उनके निवास से गिरफ्तार करके शनिवार को देवबंद कोर्ट में पेश किया था. सुबह से ही कोर्ट परिसर में इमरान मसूद के समर्थकों का तांता लग गया था, जो उनके समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे. कोर्ट इस फैसले से उनके समर्थकों में उदासी छा गई.
मसूद के बचाव में आई कांग्रेस
कांग्रेस ने मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार मसूद का बचाव करते हुए कहा कि मसूद ने वह बयान तब दिया था जब वह समाजवादी पार्टी में थे. कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ये बयान 6 महीने पहले दिया गया है, हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस तरह की भाषा के पक्ष में पार्टी नहीं है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सत्यदेव त्रिपाठी ने कहा कि मसूद की जिस वीडियो क्लिपिंग पर विवाद खड़ा हुआ है, वह 18 सितंबर 2013 को एक मोबाइल फोन से रिकॉर्ड की गई थी. उस वक्त वह सपा में थे. वह इस साल 8 मार्च को कांग्रेस में शामिल हुए थे. उन्होंने दलील दी कि वीडियो क्लिपिंग में मसूद के पास शेर सिंह नामक व्यक्ति खड़ा है जिसकी पिछले साल 4 दिसंबर को मृत्यु हो चुकी है. इस क्लिपिंग को जब उस समय स्थानीय प्रशासन को दिखाया गया था तब उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, क्योंकि तब वह सत्तारूढ़ दल में थे.