लोकसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. रिटायर्ड आईएएस और मध्य प्रदेश के भिंड लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी भागीरथ प्रसाद बीजेपी में शामिल हो गए है. प्रसाद को शनिवार को ही कांग्रेस ने भिंड सीट से पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया था. उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन बीजेपी के अशोक अर्गल से हार गए थे. इस बार भी कांग्रेस ने प्रसाद पर भरोसा जताया और उन्हें उसी सीट से नामांकित कर दिया था, लेकिन रविवार को वह कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए.
प्रसाद के पार्टी में शामिल होने का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पूर्व आईएएस अधिकारी ने समाज की सेवा करने के लिए राजनीति में प्रवेश किया है. उन्होंने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू किया था और इस पार्टी में लगभग पांच साल रहने के बाद उन्होंने रविवार को सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल होने का फैसला लिया, ताकि जनसेवा की जा सके और अपने लक्ष्यों को पूरा किया जा सके.
इस मौके पर प्रसाद ने कहा कि इंदौर के देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय के कुलपति के पद से इस्तीफा देने के बाद वह 2009 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और भिंड लोकसभा सीट से पिछला चुनाव लड़ा था. उन्होंने कहा, 'तब से मैं कांग्रेस में रहा और मैंने महसूस किया कि इस पार्टी में रहकर जिस तरह से मैं जनता की सेवा करना चाहता हूं, वह संभव नहीं है. इसमें कई गुट हैं.'
प्रसाद के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर वह बीजेपी में शामिल होना चाहते थे तो उन्हें इस बारे में बताना चाहिए था. उन्होंने कहा, 'यह बड़े स्तर का धोखा है. मैं करीब 30 साल से भागीरथ प्रसाद को जानता हूं. जो उन्होंने किया है उसे किसी कीमत पर माफ नहीं किया जा सकता है. अगर वह बीजेपी में शामिल होना चाहते थे तो उन्हें हमसे कहना चाहिए था, हमें कोई समस्या नहीं है.'