इस बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनावी मैदान में राज्य की पांच प्रमुख पार्टियां शक्ति प्रदर्शन करने में जुटी हुई हैं. वहीं 15 अक्टूबर को इस लड़ाई की परीक्षा का दिन है. इसी परीक्षा में बैठने वाले 2336 उम्मीदवारों के एफिडेविट पर नजर डालें तो, करीब 34 प्रतिशत मतलब करीब 798 उम्मीदवारों के खिलाफ कई तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं.
महाराष्ट्र विधानसभा में सभी पार्टियां अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं, जिन गलियों में पिछले पांच सालों में कभी मुड़कर नहीं देखा गया, उनकी खाक छानी जा रही है. अपने ऊपर लगे आरोपों पर नेता अपनी छवि सफेद कुर्ते की तरह पाक साफ बताने में जरा सा भी हिचकिचा नहीं रहे हैं.
दरअसल महाराष्ट्र इलेक्शन वॉच और असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की मानें तो इस बार के महाराष्ट्र विधानसभा में खड़े 2336 उम्मीदवारों में से करीब 798 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस बात की जानकारी खुद उम्मीदवारों को भी है. अगर कांग्रेस, बीजेपी, एमएनएस (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेवा), शिवसेना और एनसीपी की बात करें तो उनके 1318 उम्मीदवारों में से 640 यानी कि 49 प्रतिशत उम्मीदवारों की तो उन्होंने खुद इस जानकारी को साझा किया है.
इन सभी उम्मीदवारों पर दर्ज मामलों पर गौर फरमाया जाए तो हत्या का प्रयास, अपहरण, सांप्रदायिक माहौल, महिलाओं के खिलाफ अपराध आते हैं और इनमें से 537 यानी 23 प्रतिशत उम्मीदवारों ने इन अपराधों की जानकारी दी है. वहीं 156 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां कम से कम 3 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दायर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिसे रेड अलर्ट क्षेत्र घोषित किया गया है, क्योंकि जहां 3 या 3 से ज्यादा उम्मीदवार आपराधिक छवि वाले होते हैं उसे रेड अलर्ट क्षेत्र के नाम से जाना जाता है. इसमें उरण, कलीना, अणुशक्ति नगर और बांद्रा ईस्ट ऐसे क्षेत्र हैं जहां 7 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दायर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है.
महाराष्ट्र विधानसभा के लिए 15 अक्टूबर को जो मतदान हो रहा है, उसके लिए 2336 उम्मीदवारों के एफिडेविट के अध्ययन के अनुसार, 34 प्रतिशत यानी कि 798 उम्मीदवारों के खिलाफ अनेक तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं. सभी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.65 करोड़ रुपये है. यह जानकारी महाराष्ट्र इलेक्शन वॉच और असोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के एक अध्ययन में सामने आई है.
करोड़पति उम्मीदवार: जिन 2336 उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया है, उनमें से 1095 यानी कि 47 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं. इनमें से 1318 उम्मीदवार कांग्रेस, बीजेपी, एमएनएस, शिवसेना और एनसीपी के हैं और इनमें से 958 यानी कि 73 प्रतिशत करोड़पति हैं. मोहित कंबोज (बीजेपी, दिंडोशी 353 करोड़ रुपये), डॉ. नंदकुमार तासगांवकर (शिवसेना, सतारा 211 करोड़ रुपये), मंगल प्रभात लोढ़ा (बीजेपी, मलबार हिल 198 करोड़ रुपये), सुरेश कुमार भीकमचंद जैन (शिवसेना, जलगांव 182 करोड़ रुपये), अबू आसिम आजमी (एसपी, मानखुर्द, 156 करोड़ रुपये) उनमें प्रमुख हैं.
औसत संपत्ति: 2014 विधानसभा चुनाव के लिए जो उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, उनमें सभी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.65 करोड़ रुपये है, जबकि पूर्व विधानसभा चुनाव के लिए यह औसत संपत्ति 2.81 करोड़ रुपये थी. इसका मतलब है कि उम्मीदवारों की संपत्ति काफी बढ़ी है.
शून्य संपत्ति: 14 ऐसे भी उम्मीदवार हैं, जिन्होंने घोषित किया है कि उनके पास कोई संपत्ति नहीं है.
शिक्षा का स्तर: 11 उम्मीदवारों ने बताया है कि वे साक्षर नहीं हैं. 1276 उम्मीदवार 12वीं पास या इससे कम पढ़े-लिखे हैं. 985 उम्मीदवार ग्रेजुएट हैं.