चुनाव आयोग के आदेश में बाद मंगलवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज लिया गया है. आयोग ने प्रथम दृष्टया उन्हें आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोपी माना है. मामला रविवार को राघोपुर की रैली के दौरान खुलेआम जाति के आधार पर वोट मांगने का है. लालू अपने बेटे तेजस्वी यादव के लिए प्रचार करने वैशाली के राघोपुर पहुंचे थे.
गौरतलब है कि सोमवार को ही चुनाव आयोग ने राघोपुर रैली पर तिरछी नजर डाल दी थी. सभा के दौरान खुलेआम जाति के आधार वोट मांगने को आयोग ने गंभीरता से लेते हुए इस ओर कार्रवाई की बात कही थी. आयोग ने सोमवार को कहा था कि मुख्य चुनाव अधिकारी इस ओर संज्ञान लेंगे.
चुनाव आयोग अपनी बात को दोहराते हुए कहा, 'हमने अपने सभी अधिकारियों से निष्पक्ष चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं. सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है. अगर कोई धर्म या जाति के आधार पर वोट मांगता पाया जाता है तो हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.'
क्या कहा था रैली में लालू ने
गौरतलब है कि रविवार को राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के तेरसिया में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद ने अपने बेटे तेजस्वी यादव के साथ चुनाव प्रचार की शुरुआत की. रैली को संबोधित करते हुए लालू ने सीधे शब्दों में कहा कि यह बैकवर्ड और फॉरवर्ड की लड़ाई है.
लालू ने यादव कार्ड खेलते हुए कहा, 'यदुवंशियों सावधान. बीजेपी वाला आपको बेवकूफ समझता है, उनको लगता है आपका वोट बंट जाएगा. लालू को जब भैंस कमजोर नहीं कर सका तो और कौन कर लेगा.' लालू बोलते रहे और लोग तालियां बजाते रहे. लालू ने कहा, 'सब कहता है ललुआ आ जाएगा, ललुआ आ जाएगा, ललुआ आ जाएगा तो रोक कौन लेगा?'