विवादित बयान देने के बाद बीजेपी नेता गिरिराज सिंह करीब दो हफ्ते तक भूमिगत रहे. लेकिन अदालत से राहत मिलने के बाद मंगलवार को वह पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए. हालांकि एक बार फिर उन्होंने अपने भाषण पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी को लगता है कि उनके बयान से नुकसान हुआ है तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाए.
मंगलवार को गिरिराज ने पटना में दर्ज कथित भड़काऊ भाषण मामले में एक जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और बाद में उनकी जमानत मंजूर कर ली गई.
नीतीश कुमार सरकार में पूर्व मंत्री सिंह ने 19 अप्रैल को झारखंड के देवघर जिले में एक चुनावी रैली के दौरान यह कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया था कि नरेंद्र मोदी का विरोध करने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए.
गिरिराज से बात की हमारे संवाददाता कुमार अभिषेक ने:
सवाल: आप भूमिगत थे. अब बाहर आए हैं. क्या लगता है कि आपने गलती की?
गिरिराज: मैं न भूमिगत हूं, न था न रहूंगा. मैं शुरू से कहता रहा कि मैं चुनाव आयोग का सम्मान करता हूं. कानून का सम्मान करता हूं. लेकिन राजनीतिक विद्वेष से भरे मित्रों ने जो
दुष्प्रचार किया, लगा कि मैं मलखान सिंह हो गया हूं. सरकार ने जैसा व्यवहार किया उससे मुझे पीड़ा हुई.
सवाल: नरेंद्र मोदी भी संकेतों में आपके भाषण के खिलाफ बोले. सबने इसकी मजम्मत की, लगता है गलती हुई?
गिरिराज: अपनी स्पीच के बारे में कुछ नहीं कहूंगा. मामला न्यायालय की प्रक्रिया में है, उसके बाद इसका जबाब दूंगा.
सवाल: आप पर आरोप लगा कि आपकी वजह से बीजेपी का नुकसान हुआ?
गिरिराज: मैं नहीं जानता कि मेरी वजह से बीजेपी का नुकसान हुआ. अगर ऐसा हुआ है तो पार्टी मुझे निकाल दे.
सवाल: आपको आपकी गलती माननी चाहिए?
गिरिराज: मैंने कहा कि मैं न्यायालय मे इसका दबाब दूंगा. लेकिन आपने कभी पूछा कि लालू यादव ने क्या कहा. शकुनि चौधरी ने नरेंद्र मोदी पर क्या कहा, फारुक अब्दुल्ला ने क्या कहा, मैं
समझता हूं आगे बहस होगी, समय आने पर.
सवाल: फारुक अब्दुल्ला सरीखे नेता ने आपकी स्पीच को आधार बनाया?
गिरिराज: फारुक ने खुद क्या कहा था. देखिए अब धारणा बदलनी होगी. हम आहें भी भरते हैं हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती.
सवाल: जबाब देने के लिए इंतजार क्यों?
गिरिराज: समय का इंतजार कर रहा हूं. आदमी बड़ा नहीं होता समय बड़ा होता है.
सवाल: आरोप है कि आपकी वजह से बीजेपी का नुकसान हुआ, आपकी हेटस्पीच की वजह से चुनावों में ध्रुवीकरण हुआ?
गिरिराज: मैं नहीं जनता. अगर मेरी वजह से नुकसान हुआ तो पार्टी मुझे निकाल दे.
सवाल: कोई पछतावा नहीं?
गिरिराज: अगर दोषी हूं तो पार्टी सजा दे.
सवाल: चुनाव प्रचार में जाएंगे?
गिरिराज: पार्टी जो आदेश दे.