बिहार चुनाव में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के ऐलान को लेकर एनडीए के छिड़ा घमासान दिनों-दिन गहराता जा रहा है. बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने पर RLSP की नाराजगी के बाद अब जीतनराम मांझी की पार्टी ने भी LJP को आंख दिखाई है.
मांझी के मुताबिक, अगर LJP जमुई और चकाई सीट पर अपने उम्मीदवार उतारती है तो HAM उन सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहां LJP लड़ रही है.
पहले सीटों की लड़ाई, अब उम्मीदवारी पर तकरार
दरअसल, मांझी ने बीजेपी से LJP के बराबर सीटें मांगी थीं, लेकिन 243 में से मांझी के खाते में सिर्फ 20 सीटें आईं जबकि पासवान की पार्टी को 40 सीटें दी गईं. उम्मीदवार उतारने को लेकर अब दोनों पार्टियों के बीच टकराव इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि मांझी की पार्टी में LJP के कई पूर्व नेता शामिल हैं और पासवान उन्हें टिकट न देने की बात कह रहे हैं.
ये है लड़ाई की असली जड़
नरेंद्र सिंह और उनके दो बेटे 18 अन्य विधायकों के साथ एलजेपी छोड़कर पहले जेडीयू में शामिल हुए फिर मांझी का दामन थाम लिया. पासवान इस बात से खफा हैं. नरेंद्र सिंह के बेटे अक्षय प्रताप और सुमित सिंह जमुई और चकाई सीट से विधायक हैं. सीट बंटवारे के बाद यह फैसला हुआ था कि अजय बीजेपी के टिकट से जमुई से चुनाव लड़ेंगे जबकि सुमित HAM के टिकट से अपनी सीट पर दोबारा लड़ेंगे.
यह संभावना जताई जा रही है कि पासवान अपनी नाराजगी के चलते इन दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतार सकते हैं. फिलहाल दिल्ली में LJP के संसदीय बोर्ड की बैठक जारी है, जिसमें उम्मीदवारों के नाम का फैसला होगा.
मैं सीएम पद की रेस में नहीं: मांझीमांझी ने सीधे तौर पर यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री पद की रेस में नहीं है. सीएम बीजेपी का ही होगा.