scorecardresearch
 

बीवी राबड़ी, बेटी मीसा भारती हारीं तो लालू बोले, मैं मौकापरस्त नहीं, मोदी को क्यों दूं बधाई

लोकसभा चुनाव में पार्टी की बुरी हालत से बिहार के पूर्व सीएम और राजद प्रमुख लालू प्रसाद बेहद निराश हैं. लालू इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ सके थे और उन्‍होंने अपनी पत्‍नी राबड़ी देवी और बड़ी बेटी मीसा भारती को चुनावी मैदान में उतारा लेकिन दोनों ही चुनाव हार गईं.

Advertisement
X
प्रेस कांफ्रेंस में नरेंद्र मोदी
प्रेस कांफ्रेंस में नरेंद्र मोदी

लोकसभा चुनाव में पार्टी की बुरी हालत से बिहार के पूर्व सीएम और राजद प्रमुख लालू प्रसाद बेहद निराश हैं. लालू इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ सके थे और उन्‍होंने अपनी पत्‍नी राबड़ी देवी और बड़ी बेटी मीसा भारती को चुनावी मैदान में उतारा लेकिन दोनों ही चुनाव हार गईं.

Advertisement

चुनाव के नतीजे आने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में लालू की निराशा साफ दिखी. उन्‍होंने कहा, '2014 के बाद भारत रहेगा या टूटेगा, यह देखने वाली बात होगी. गिरिराज सिंह ने जो कहा, वो क्या बिना मोदी के आशीर्वाद के बोल गया था. तोगड़िया क्या बोला, हिंदू मुहल्ला में मुसलमान बनाए घर तो तोड़ दो. ग्रासरूट पर क्या हुआ. आज चर्चा ठीक नहीं है. फिर किसी दिन. समय मजबूर कर देता है सब करने को.'

लालू की हताशा जायज भी है. बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने जब विवादित बयान दिया तो लालू की आरजेडी सहित तमाम विरोधी दलों ने इस मसले को हवा दी थी. गिरिराज सिंह ने कहा था कि जो मोदी का विरोध करेगा, पाकिस्तान चला जाए.' उन्‍हें उम्‍मीद थी कि मुस्लिम वोटरों ध्रुवीकरण होगा लेकिन आरजेडी सहित विरोधी दलों को इसका कुछ खास फायदा नहीं हो सका.

Advertisement

लालू की बेटी मी‍सा भारती पाटलिपुत्र सीट से चुनाव हार गईं. मीसा आरजेडी में लालू के करीबी रहे रामकृपाल यादव के हाथों चुनाव हारी हैं. गौरतलब है कि इस सीट को लेकर ही रामकृपाल ने लालू का साथ छोड़ा और उन्‍हें बीजेपी ने लपक लिया था. मीसा के 'चाचा' रामकृपाल पाटलिपुत्र सीट से लड़ने को अड़े थे जबकि लालू अपनी बेटी को इस सीट से लड़ाना चाहते थे.

दूसरी तरफ, लालू की पत्‍नी राबड़ी देवी को सारण सीट से हार का मुंह देखना पड़ा है. राबड़ी को बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी ने हराया. जातीय समीकरण के चलते सारण लालू के लिए 'सेफ' सीट मानी जाती रही. शायद इसी वजह से लालू ने यहां से अपनी पत्‍नी को चुनावी मैदान में उतारा. पिछले लोकसभा चुनाव में लालू सहित राजद के महज चार सांसद ही जीत सके थे. इसमें सारण सीट भी शामिल थी. हालांकि, पाटलिपुत्र से लालू हार गए थे.

इस बार के चुनाव में बिहार में भी एनडीए को सबसे ज्‍यादा सीटें मिली हैं. इस बार भी लालू कांग्रेस के साथ चुनाव लड़े थे लेकिन इनका कुछ खास असर नहीं दिखा है.

Advertisement
Advertisement