महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी व बीजेपी का जादू किस हद तक चला, यह आने वाले कुछ घंटों में पूरी तरह साफ होने जा रहा है. इस वक्त पूरे देश की निगाहें दोनों ही राज्यों में रविवार सुबह शुरू होने जा रही वोटों की गिनती पर टिकी हैं. वोटरों ने किस पार्टी को सबक सिखाया, किसे सिर-आंखों पर बिठाया, यह मतगणना से जाहिर हो जाएगा.
महाराष्ट्र में किसकी बनेगी सरकार?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के तहत रविवार को सभी 36 जिलों के मुख्यालयों में मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए बुधवार को 64 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था. प्रदेश में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है. मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हो जाएगी और सुबह 10 बजे शुरुआती रुझान आने शुरू हो जाएंगे. सभी जिला मुख्यालयों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना कराई जाएगी.
महाराष्ट्र में 288 सीटों के लिए हुए चुनाव में 4119 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 3843 पुरुष और 276 महिला उम्मीदवार हैं. यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस, बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के बीच है.
चुनाव के करीब तीन सप्ताह पहले दो प्रमुख गठबंधनों कांग्रेस-एनसीपी और बीजेपी-शिवसेना के बीच संबंध खराब हो गए और गठबंधन टूट गया. इससे इस बार सभी प्रमुख पार्टियां अकेले दम पर चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस ने यहां 287, बीजेपी और सहयोगी पार्टियों ने 287, शिवसेना ने 282, एनसीपी ने 278 और एमएनएस ने 219 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
वर्ष 2009 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी और उसे 82 सीटें मिली थीं. एनसीपी को 62, शिवसेना को 46, बीजेपी को 45, एमएनएस को 13 सीटें मिली थीं. इस बार कांग्रेस और एनसीपी के प्रमुख उम्मीदवारों में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण, नारायण राणे, पतंगराव कदम, अजित पवार, आर.आर. पाटील और सुनील तटकरे शामिल हैं.
बीजेपी से देवेंद्र फड़नवीस, विनोद तावड़े, एकनाथ खडसे और पंकजा मुंडे प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं. शिवसेना और एमएनएस से प्रमुख सभी पदाधिकारी चुनाव मैदान में हैं. हालांकि दोनों दलों के टॉप लीडर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.
मतदान बाद के सर्वेक्षणों में बीजेपी को या तो पूर्ण बहुमत मिलने या सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की बात कही गई है, लेकिन कांग्रेस-एनसीपी ने इसे खारिज कर दिया है.
हरियाणा में किसके हाथ लगेगी सत्ता की चाबी?
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मतों की गिनती रविवार को की जाएगी. इसके साथ ही 1351 उम्मीदवारों और पार्टियों की किस्मत का पिटारा खुल जाएगा. प्रदेश में कांग्रेस 10 साल से सत्ता में है. हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वलगड़ ने शनिवार को कहा, 'रविवार को होने वाली मतगणना के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं. राज्य के 57 स्थानों पर 90 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं.' ज्यादातर चुनाव परिणाम रविवार दोपहर तक आ जाने की संभावना है.
हरियाणा में 1.63 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए बुधवार को रिकार्ड 76.54 फीसदी मतदान किया था. बीजेपी को उम्मीद है कि उसे बहुमत हासिल होगा और वह अपने बलबूते हरियाणा में पहली सरकार बनाने में सफल होगी.
मतदान बाद के अधिकतर सर्वेक्षणों में भी बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है. बीजेपी ने यहां पहली बार बिना गठबंधन के चुनाव लड़ा है.
सर्वेक्षण में टुडेज चाणक्या ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत के साथ 52 सीटें और एबीपी-निल्सन ने 54 सीटें आने का अनुमान व्यक्त किया है. वहीं सी-वोटर ने इसे 37 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का अनुमान जताया है.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राम बिलास शर्मा ने कहा, 'चुनाव परिणाम में हमें पूर्ण बहुमत हासिल होगा. बीजेपी अपने बलबूते सरकार का गठन करेगी. हमें किसी के समर्थन की जरूरत नहीं होगी.'
विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल ने भी बेहतर परिणाम की आशा जताई है, लेकिन सर्वेक्षणों में उसे बहुमत के आंकड़े से दूर, हालांकि दूसरी सबसे पार्टी के रूप में दिखाया गया है. सर्वेक्षणों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने की अटकलें लगाई गई हैं.
प्रदेश की कुल 90 सीटों में से 73 सामान्य, जबकि 17 सीटें आरक्षित हैं. कुल 1,351 उम्मीदवार चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं, साथ ही रिकॉर्ड 116 महिला उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं. इस बार के चुनाव में अधिकांश सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला है.
हरियाणा में इस बार दिलचस्प मुकाबला
इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस, मुख्य विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) तथा बीजेपी के बीच है. इसके अलावा, चुनाव मैदान में हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां), नवगठित हरियाणा जनचेतना पार्टी (हजपा), हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी है. कांग्रेस और इनेलो के बीच सीधी टक्कर के बावजूद अधिकांश सीटों पर इस बार मुकाबला बहुकोणीय है.
भिवानी विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 31 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि शाहबाद और नूंह सीट पर सबसे कम सात उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
कांग्रेस और बीजेपी ने सभी 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि इनेलो और हजकां ने क्रमश: 88 तथा 65 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारा है.
चुनाव मैदान में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दुष्यंत चौटाला, इनेलो नेता अभय चौटाला, हजकां नेता कुलदीप बिश्नोई, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राम बिलास शर्मा, पूर्व मंत्री विनोद शर्मा तथा बीजेपी नेता अभिमन्यु मुख्य उम्मीदवारों में हैं.
---इनपुट IANS से