चुनाव आयोग की चेतावनी के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सात अधिकारियों के तबादले पर सहमत हो गई हैं. पीटीआई के हवाले से खबर है कि बुधवार सुबह 10 बजे तक सात अधिकारियों के तबादले कर दिए जाएंगे.
इससे पहले मंगलवार को आयोग ने अपना रुख कड़ा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध को ठुकरा दिया था जिसमें उन्होंने अधिकारियों के तबादले के आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था. चुनाव आयोग ने आदेश का अनुपालन करने के लिए ममता सरकार को बुधवार सुबह दस बजे तक का समय दिया था.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आयोग के आदेश की कड़ी आलोचना किये जाने को तवज्जो ना देते हुए चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से कहा कि बुधवार सुबह तक उसके आदेश का पालन होना चाहिए.
राज्य के मुख्य सचिव ने मंगलवार सुबह आयोग को पत्र लिखकर उससे एक जिला मजिस्ट्रेट, दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और मालदा, मुर्शिदाबाद, बर्दवान, पश्चिम मिदनापुर और झाड़ग्राम के पुलिस अधीक्षकों के तबादले के आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था. एक पुलिस अधीक्षक पश्चिम मिदनापुर और झाड़ग्राम दोनों जिलों का काम देख रहे हैं. इन सभी जिलों में कुल मिलाकर लोकसभा की 19 सीटें आती हैं. राज्य से लोकसभा की कुल 42 सीटें हैं.
चुनाव आयोग के सूत्रों ने मुख्य सचिव के अनुरोध पर कहा, हमने उनके अनुरोध पर गौर किया और इस बात को दोहराया कि सात अप्रैल के हमारे आदेश का बुधवार सुबह दस बजे तक अनुपालन होना चाहिए.
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के सोमवार के आदेश से एक नया विवाद पैदा हो गया था जब ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं तब तक किसी अधिकारी को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और साथ ही धमकी दी कि चुनाव आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई करके दिखाए.