दिल्ली में लोकसभा चुनावों के लिए वोटिंग में सिर्फ एक हफ्ता बचा है. ऐसे में इंडिया टुडे ग्रुप और सिसेरो लेकर लाए हैं चुनाव पूर्व सर्वे, 'पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज'. चुनाव के ऐन पहले किए गए इस सर्वे में हमने 'दिल्ली के दिल' की टोह लेने की कोशिश की. इस सर्वे की मानें तो दिल्ली के वोटरों का रुझान इस बार भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में है.
सर्वे के मुताबिक, कुल सात लोकसभा सीटों में 5 से 7 सीटें बीजेपी की झोली में गिर सकती हैं. सर्वे बताता है कि आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता में गिरी है. आम आदमी पार्टी को शून्य से दो सीटें मिलती नजर आ रही हैं. वहीं कांग्रेस को शून्य से एक सीट मिल सकती है. सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को 41 फीसदी, AAP को 28, कांग्रेस को 23 और अन्य को 8 फीसदी वोट मिल सकते हैं.
अगर प्रधानमंत्री पद के लिए पसंद की बात करें तो बीजेपी के नरेंद्र मोदी दिल्ली वालों की पहली पसंद हैं. सर्वे में हिस्सा लेने वाले 44 फीसदी दिल्ली वाले मोदी को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं, जबकि केजरीवाल बतौर पीएम सिर्फ 24 फीसदी लोगों की पसंद हैं. राहुल गांधी इस लिस्ट में सबसे पीछे हैं. उन्हें 19 फीसदी लोग प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं. वहीं मौजूदा पीएम मनमोहन सिंह के पक्ष में सिर्फ 4 फीसदी दिल्लीवासी हैं.
हालांकि यह लोकसभा का चुनाव है, पर हमने विधानसभा के नजरिये से भी दिल्ली का मिजाज समझने की कोशिश की. हमने पूछा कि बतौर मुख्यमंत्री दिल्ली की पसंद कौन है. इस मोर्चे पर भी बीजेपी आगे है. पार्टी के डॉ. हर्षवर्धन को 29 फीसदी लोग सीएम बनते देखना चाहते हैं. केजरीवाल को सिर्फ 19 फीसदी दिल्लीवासी मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं. दिलचस्प बात यह है कि 52 फीसदी लोग दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी और चेहरे की तलाश में हैं.
अगर उम्र के हिसाब से बात करें तो आगामी लोकसभा चुनाव में 38 फीसदी युवाओं की पसंद बीजेपी है, वहीं 31 फीसदी का रुख अरविंद केजरीवाल के पक्ष में है. 56 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में बीजेपी की मजबूत पकड़ है. ऐसे 48 फीसदी लोग कमल पर वोट डालने की बात कह रहे हैं.
यह सर्वे 70 में से 40 विधानसभा क्षेत्रों के 1,188 लोगों से बातचीत के आधार पर किया गया है.