बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ एक नया समीकरण ठोस आकार ले रहा है. बिहार और दिल्ली के मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम के दौरान एक मंच पर नजर आए. नीतीश कुमार और अरविंद केजरीवाल की यह दोस्ती बिहार चुनाव में 'असली रंग' ला सकती है.
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बुधवार को आम आदमी पार्टी ने 'बिहार सम्मान समारोह' का आयोजन किया. इस समारोह में बिहार के CM नीतीश कुमार ने भी शिरकत की. कार्यक्रम में पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले AAP के 12 विधायक भी मौजूद थे.
बिहार की ताकत का किया बखान
समारोह में नीतीश ने बिहार और बिहारियों की ताकत का जमकर बखान किया. उन्होंने कहा कि अगर बिहार के लोग ठान लें कि एक दिन काम नहीं करना है, तो पूरी दिल्ली ही 'ठप' हो जाए. दिल्ली के चुनाव में भी पूर्वांचल की ताकत उभरकर सामने आई है.
नीतीश ने PM मोदी और बीजेपी की ओर इशारा करते हुए कहा, 'अभी तो बिहारी के पीछे लोग कितने ही ताकत लगाए हुए हैं.' नीतीश ने कहा, 'पहले तो मोदीजी कहते थे कि जो दिल्ली का मूड है, वही देश का मूड है. अब वे समझ जाएं कि जो दिल्ली की मूड है, वही देश का मूड है.'
केजरीवाल की शान में 'कसीदे'
नीतीश ने कहा, 'दिल्ली में तो केजरीवाल साहब छाए हुए हैं. उन्हें सत्ता में लाना जनता का सही फैसला है. 70 में 67 सीटें लाना शानदार कामयाबी है.'
दिल्ली में दो क्षेत्रीय दिग्गजों का एक मंच पर आना सियासत के लिए बड़ी बात है. समझा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल भी JDU-RJD व कांग्रेस के महागठबंधन के प्रचार के लिए बिहार जाएंगे.
'मोदी बनाम नीतीश' हुआ घमासान
हाल में
विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और CM नीतीश कुमार के बीच सियासी घमासान शुरू हो चुका है. मुकाबला अब
सीधे-सीधे मोदी बनाम नीतीश का हो चुका है. आन-बान और अहम की इस जंग को
जीतने के लिए नीतीश ने एक नए सियासी साथी
के रूप में अरविंद केजरीवाल को साथ लिया है. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने
कहा कि केजरीवाल और उनकी पार्टी नीतीश के समर्थन में है और इसके लिए
बिहार में भी वे जनसभाएं करेंगे.
इस राजनीति से दोनों का फायदा!
केजरीवाल ने अब तक अपने मुंह से नीतीश का समर्थन नहीं किया है. हालांकि मोदी के 'DNA' वाले बयान
पर चुटकी जरूर ली है. उन्होंने कहा, 'बिहार में चुनाव होने वाला है. इस
फिल्म को देखने के बाद पता चलेगा कि बिहार का DNA किस किस्म का बना हुआ
है.'
गौरतलब है कि बीते दो महीनों में नीतीश और केजरीवाल की यह पांचवीं मुलाकात है. नीतीश भली-भांति जानते हैं कि दिल्ली में लाखों की तादाद में बसने वाले बिहार के लोग बिहार की राजनीति में निर्णायक दखल रखते हैं और उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए केजरीवाल एक अहम जरिया साबित हो सकते हैं. वहीं केजरीवाल को भी पता है कि दिल्ली में बिहार के लोगों की सियासी अहमियत क्या है. आखिर AAP के 12 विधायक भी पूर्वांचल के ही हैं.