बिहार में आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. तीनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर औपचारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है, पर खबर है कि जेडीयू और आरजेडी 100-100 और कांग्रेस 40 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.
अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने यह खबर दी है. अखबार के मुताबिक, लालू और नीतीश की पार्टी बराबर सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं. कांग्रेस के हिस्से 40 सीटें आने की खबर है और तीन सीटें शरद पवार की पार्टी एनसीपी को दी जा सकती हैं.
कांग्रेस को मिलेगा सम्मानजनक हिस्सा!
'महागठबंधन' के वरिष्ठ नेताओं ने सीट बंटवारे के इस फॉर्मूले की पुष्टि की है. हालांकि विधानसभा क्षेत्र की पसंद को लेकर पार्टियों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बीजेपी की अगुवाई वाले मोर्चे से टक्कर लेने के लिए तीनों दल समझौते को तैयार नजर आ रहे हैं.
सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस को 40 सीटों के साथ सम्मानजनक हिस्सा दिया जाएगा, जबकि उसके अभी विधानसभा में सिर्फ 4 विधायक हैं. अगर सीटों का यही बंटवारा रहा तो सबसे बड़ा समझौता जेडीयू कर रही है. मौजूदा विधानसभा में उसके 115 विधायक हैं, जबकि आरजेडी के पास सिर्फ 22 विधायक हैं.
रैली के लिए ममता-केजरीवाल को भी न्योता
यह गठबंधन 30 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में रैली करने वाला है. पहले इसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आने की खबरें थीं. लेकिन सूत्रों के मुताबिक राहुल आरजेडी चीफ लालू के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते थे , लिहाजा अब कांग्रेस की ओर से खुद सोनिया इस रैली में शामिल हो सकती हैं.
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी इस रैली में शामिल होने का न्योता भेजा गया है. हालांकि केजरीवाल के इसमें शामिल होने की संभावना नहीं है, क्योंकि कांग्रेस से उनकी लड़ाई पुरानी है और वह 'दागी' लालू के साथ किसी भी सूरत में मंच नहीं साझा करना चाहेंगे.