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पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के नतीजे... LJP, NCP, JDU, TMC जैसी पार्टियों को क्या मिला?

त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा कई क्षेत्रीय दलों ने किस्मत आजमाई. एनसीपी से लेकर जेडीयू, टीएमसी और चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी भी पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरी थी. जानिए इस चुनाव से उनके हाथों में आखिर क्या आया?

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नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, शरद पवार, चिराग पासवान
नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, शरद पवार, चिराग पासवान

पूर्वोत्तर के तीनों राज्य त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में सत्ताधारी दलों की वापसी हो गई है. बीजेपी की त्रिपुरा में एक बार फिर से वापसी हुई है जबकि नगालैंड में एनडीपीपी-बीजेपी गठबंधन का जादू बरकरार रहा. मेघालय में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है लेकिन उसे बहुमत नहीं मिला है. यहां बीजेपी के सपोर्ट से संगमा सरकार बनाएंगे. मुख्य पार्टियों के अलावा सभी की निगाहें उत्तर भारत के जेडीयू, एलजेपी, टीएमसी और एनसीपी जैसे क्षेत्रीय दलों पर रहीं, जो पूर्वोत्तर के चुनावी रण में किस्मत आजमा रह थी. जानिए इन दलों का प्रदर्शन कैसा रहा? 

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नगालैंड में जेडीयू-एलजेपी-एनसीपी को क्या मिला
नगालैंड विधानसभा चुनाव में कुल 13 पार्टियां मैदान में उतरी थी. राज्य की 60 विधानसभा सीटों में सत्तारुढ़ एनडीपीपी 40 और बीजेपी 36 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. यहां एनडीपीपी ने 25 सीट और बीजेपी ने 12 सीट जीती. दोनों ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है.

नगालैंड विधानसभा चुनाव में बिहार के कई राजनीतिक दल भी मैदान में उतरे थे. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने नगालैंड विधानसभा चुनाव में 9 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरी थी, इसमें से एक सीट उसको मिली है. चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी भी किस्मत आजमा रही थी. एलजेपी (पासवान)  19 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे. इनमें एनडीपीपी ने अपने जिन पांच विधायक के टिकट काटे हैं, उन्हें भी एलजेपी अपना प्रत्याशी बनाया था. एलजेपी का यह दांव काफी सफल साबित हुआ. पार्टी के दो उम्मीदवार जीत गए.

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नगालैंड में शरद पवार की पार्टी एनसीपी भी चुनाव लड़ी थी. पार्टी को यहां सात सीट मिली है. वहीं रामदास अठावले की आरपीआई (अठावले) के दो उम्मीदवार जीते हैं. लालू प्रसाद यादव की आरजेडी ने भी नगालैंड में अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली. जेडीयू और एलजेपी के पहले भी विधायक रहे हैं. पिछले चुनाव में जेडीयू 18 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिनमें से एक विधायक चुना गया था. 

मेघालय में टीएमसी को पांच सीट
मेघालय विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है. राज्य की 60 सीटों में से सत्ताधारी एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उतरी है, लेकिन अपने दम पर सत्ता का आंकड़ा नहीं छू पा रही है. वहीं कांग्रेस का खेल ममता बनर्जी की टीएमसी ने बिगाड़ दिया है. टीएमसी यहां पांच सीट जीत गई है.

त्रिपुरा में टीएमसी को क्या मिला
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन की सत्ता में वापसी हो रही है, लेकिन इस चुनाव के प्रमुख चेहरा टिपरा माथो के प्रमुख प्रद्योत बर्मन उभरे हैं. यहां लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन कोई करिश्मा नहीं दिखा सका. त्रिपुरा में पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने वाली टीएमसी का हाथ खाली रहा. टीएमसी को एक सीट भी नहीं मिली.

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