आम आदमी पार्टी को रविवार के दिन बड़ा झटका लगा. आम आदमी पार्टी के गुड़गांव की कार्यकारिणी समिति के पूरे 11 पदाधिकारी और करीब 250 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा दे दिया.
पार्टी के गुड़गांव से पूर्व संयोजक रमेश यादव का आरोप है कि पार्टी की नीतियां बदल गई हैं. पार्टी ने जिन मुद्दों को लेकर देश में एकता का संदेश देना शुरू किया था, अब खुद उनसे भटक गई है. पार्टी की पूरी ताकत सीमित लोगों के हाथों में सौंप दी गई है. सभी अपनी मनमानी कर रहे हैं.
रमेश यादव का आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की जिस जमीन की आईएएस अशोक खेमका ने मुटेशन चढ़ाने से मना कर दिया था, उस काम को युद्धवीर सिंह ख्यालिया ने कर दिया था और अब आप पार्टी ने उसी ख्यालिया को लोकसभा का टिकट दे दिया. आपको बता दें कि आईएएस अशोक खेमका ने 2012 में रॉबर्ट वाड्रा की स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी और डीएलएफ यूनिवर्सल के बीच हुई डील को रद्द कर दिया था. यादव ने कहा कि ये भ्रष्टाचार से लड़ना नहीं बल्कि उसका साथ देने वाली बात हुई.
गुड़गांव में आप पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी योगेन्द्र यादव की जनसभा में अरविंद केजरीवाल खुद आए हुए थे. इसलिए इन कार्यकर्ताओं ने अरविंद को ही अपना इस्तीफा सौंप दिया. इतना ही नहीं इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि वो अब लोगों को आप पार्टी की कारगुजारियों से वाकिफ कराएंगे.