Ram Vilas Paswan Dhritarashtra ban gaye hain, apne putra moh mein fass gaye hain: Anil Sadhu (RV Paswan's Son-In-Law) pic.twitter.com/eNtomuodRY
— ANI (@ANI_news) September 19, 2015
इसके साथ ही अनिल कुमार साधु ने बिहार चुनाव में 40 सीटों पर दलित सेना के उम्मीदवार उतारने का ऐलान भी किया है. दलित सेना के अध्यक्ष साधु ने दलित सेना के सभी जिलाध्यक्षों की बैठक की और जिस तरीके से पार्टी में टिकट का बंटवारा किया गया. इस बैठक में रविवार को रामविलास पासवान का पुतला दहन करने का फैसला किया गया. दलित सेना समाज के कमजोर तबके के लोगों का एक संगठन है जिसे रामविलास पासवान ने शुरू किया था.
Have decided to field Dalit Sena candidates on 40 seats: Anil Kumar Sadhu (Ram Vilas Paswan's Son-In-Law ) pic.twitter.com/f1Vd65Prfa
— ANI (@ANI_news) September 19, 2015
साधु औरंगाबाद जिले में सुरक्षित सीट कुटुंबा से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन वह सीट पूर्व मुख्यमंत्री और हम के संस्थापक जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन को आवंटित कर दी गयी. साधु ने कहा कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया लेकिन रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस और लोजपा प्रमुख के एक अन्य भाई रामचंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज को टिकट दे दिया गया.