मोदी सरकार में मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति अपने बड़बोलेपन के कारण एक बार फिर से चर्चा में है. साध्वी ने अपने ताजा बयान में कहा है कि मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन में आतंकवादियों और दाऊद इब्राहिम का पैसा लगता है. मंत्री महोदया की जिह्वा को इतने से आराम नहीं मिला तो उन्होंने आगे लालू प्रसाद को चूहा तक बता दिया.
मंगलवार को बिहार के समस्तीपुर जिले में वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र पहुंची केंद्रीय राज्य मंत्री ने सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को बिहार की जनता और विकास की चिंता नहीं है. साध्वी ने कहा, 'नीतीश कुमार को अब सिर्फ नरेंद मोदी को रोकने की चिंता है. वो रात में सोते भी हैं कि नहीं. नींद में भी नरेंद्र मोदी नजर आते हैं.' उन्होंने सवाल किया कि अगर मांझी विभीषण हैं तो फिर नीतीश कुमार क्या हैं?
'लालू के पेट में दर्द है'
साध्वी निरंजन ज्योति में आगे कहा, 'बिहार में गुंडाराज है. मैं तो आई थी योजनाओं को लागू करने, लेकिन पहले यहां पर गुंडाराज खत्म होना चाहिए तभी यहां कोई योजना लागू हो सकता है.' लालू यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, 'लालू प्रसाद के पेट के अंदर दर्द पैदा हो गया है. वह कह रहे हैं कि बिहार में सारे मंत्री आ गए हैं. लालू बिहार के नेता हैं तो नीतीश कुमार से समझौता करके क्यों चूहा बन गए हैं.'
'बिहार में आग लगाना जरूरी है'
साध्वी ने कहा कि मंच संचालक ने उनसे पूछा कि वह आग उगलती हैं तो उन्होंने जवाब दिया, 'आग तो नहीं उगलती, लेकिन बिहार में आग जरूर लगाना पड़ेगा. कूड़े का अगर ढेर हो जाए तो उसे जला कर भस्म कर देना ही ठीक रहेगा. विभीषण अगर लंका में है तो कोई ना कोई हनुमान जरूर आएगा लंका में आग लगाने के लिए.'
सुषमा सवराज और ललित मोदी विवाद के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, 'मैं यही कह सकती हूं कि आतकंवादी भी अगर जेल में बंद है तो उसका भी इलाज होता है. इंसानियत के नाते उन्होंने मदद की होगी.'
मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन समारोह में खर्च होने वाले पैसे को लेकर सध्वी ने कहा कि इसके लिए पैसे आतंकियों और दाऊद इब्राहिम जैसे लोग देते हैं, जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए साध्वी ने कहा कि गरीब के घर में खाना खाने और उसके घर में सोने से गरीब की गरीबी दूर नहीं होती. गरीबी तो गरीब के घर में पैदा हुए नरेंद्र मोदी ही दूर कर सकते हैं. राहुल गांधी को तो 10 साल बाद किसानों की चिंता जगी है.