बीजेपी में पसंदीदा सीटों से चुनाव लड़ने को लेकर तनातनी का आलम बरकरार है. अब नवजोत सिंह सिद्धू ने मांग बुलंद की है कि अगर वे चुनाव लड़ेंगे तो अमृतसर सीट से ही, नहीं तो कहीं से नहीं लड़ेंगे.
हालांकि अमृतसर सीट को लेकर अड़ने के क्रम में सिद्धू अनुशासन और त्याग की गाथाएं सुनाना नहीं भूले. सिद्धू ने कहा, 'सिद्धू न्योछावर करना जानता है. मैंने कभी पार्टी से टिकट नहीं मांगा. पार्टी जो भी फैसला करेगी, वो मुझे मंजूर होगा.'
सिद्धू ने एक और अहम बात यह कही कि वे अरुण जेटली के लिए अमृतसर सीट छोड़ने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी अमृतसर से जेटली को उम्मीदवार बनाती है, तो वे इसका स्वागत करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वैसी सूरत में वे खुद कहीं से चुनाव नहीं लड़ेंगे.
सीट के मसले पर बात करने के लिए सिद्धू शनिवार को दिन में बीजेपी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और अरुण जेटली से मुलाकात की. उम्मीदवारी को लेकर राय-मशविरा करने के लिए उन्हें पार्टी मुख्यालय बुलाया गया था.
गौरतलब है कि बीजेपी में वाराणसी, लखनऊ आदि कुछ सीटों को लेकर दिग्गज नेताओं के बीच आम सहमति नहीं बन पाई है. पसंदीदा सीटों को लेकर दिग्गजों के बीच मनमुटाव की खबरें भी आती रहती हैं.