दो राज्यों झारखंड और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम सामने आ रहे हैं. इनमें हैरान कर देने वाली कई बातें दिख रही हैं और अप्रत्याशित परिणाम भी दिख रहे हैं. दोनों राज्यों से मिल रही 10 महत्वपूर्ण चौंकाने वाली बातों पर एक नजर..
1. सबसे पहले तो जम्मू-कश्मीर का मामला लेते हैं जहां पहली बार बीजेपी ने धमाकेदार प्रदर्शन किया और पार्टी 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. 87 सीटों के लिए हुई मतगणना में हालांकि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर नहीं उभरी, लेकिन पहली बार इतना दमदार प्रदर्शन किया है. सबसे बड़ी बात यह रही कि बीजेपी ने वर्षों से जम्मू क्षेत्र में अपनी धाक जमाए हुए पैंथर्स पार्टी का सूपड़ा साफ कर दिया.
2. पैंथर्स पार्टी ने पिछले चुनाव में उधमपुर, रामनगर और सांबा की सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार मोदी लहर में वह साफ हो गई.
3. बीजेपी ने मुफ्ती मोहम्मद सईद की पार्टी पीडीपी को कड़ी टक्कर दी है. पार्टी को उम्मीद थी कि अब्दुल्ला विरोधी लहर का वह फायदा उठा लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बीजेपी ने उसे कांटे की टक्कर दी. अब उसके पास बीजेपी से मिलकर सरकार बनाने के सिवा और कोई चारा नहीं है. पीडीपी 30 सीटों में आगे निकल कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.
4. जम्मू-कश्मीर के मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला का सोनावार चुनाव क्षेत्र से हार जाना हैरान करने वाली बात है. हालांकि वह बीरवाह निर्वाचन क्षेत्र से आगे चल रहे हैं लेकिन अपने पुराने क्षेत्र सोनावार में उन्हें जनता के गुस्से का शिकार होना पड़ा.
5. बीजेपी को भी एक बड़ा धक्का लगा है, उनकी उम्मीदवार हिना बट्ट अमीरा कदल से पराजित हो गई. पार्टी ने उनसे बड़ी उम्मीदें लगा रखी थीं और कहा तो यहां तक जा रहा था कि उन्हें बड़ा पद दिया जाएगा.
6. जम्मू-कश्मीर में चुनाव के पहले कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस में अलगाव हो गया था और दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा. दोनों पार्टियों को धक्का पहुंचा. बीजेपी ने दोनों से सीटें छीनीं.
झारखंड
7. इस छोटे से राज्य के बारे में ओपिनियन पोल में पहले ही दिखाया जा रहा था कि यह बीजेपी की झोली में जाएगा और ऐसा
ही हुआ. बीजेपी ने यहां आजसू के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और वह बहुमत लाने में सफल होती दिख रही है.
8. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका से चुनाव लड़े थे और वे वहां आखिरी परिणाम मिलने के पहले पिछड़ रहे थे. उन्हें बीजेपी की लुईस मरांडी ने पीछे धकेल दिया. यह जेएमएम के लिए बड़ा धक्का है. दिलचस्प बात यह है कि उनके पिता शिबू सोरेन भी मुख्य मंत्री रहते हुए विधानसभा चुनाव हार गए थे.
9. हैरानी की बात यह रही कि पूर्व मुख्य मंत्री और करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपी मधु कोड़ा चुनाव हार गए. वह मझगांव से खड़े थे, जहां उनका जनाधार काफी था. बीजेपी को यहां एक बड़ा धक्का साइमन मरांडी के रूप में लगा, जब उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार ने हरा दिया.
10. झारखंड में कम्युनिस्टों को सिर्फ एक ही सीट मिलती दिख रही है और वह है बगोदर, जहां से सीपीआई-एमएल के विनोद सिंह बीजेपी से आगे चल रहे थे. आजसू को यहां एक बड़ा धक्का पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो के रूप में लगा. वह सिल्ली में जेएमएम उम्मीदवार से काफी वोटों से पिछड़ रहे थे.