बिहार में बीजेपी के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी होते ही घमासान मच गया है. 25 लोगों की लिस्ट में पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का नाम नहीं होने से उनकी नाराजगी सामने आ सकती है. बिहारी बाबू के करीबी सूत्रों के मुताबिक शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कर दिया है कि पटना साहिब ही उनकी पहली और आखिरी पसंद है और इस मुद्दे पर किसी चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं है.
गौरतलब है कि लिस्ट जारी करते वक्त पार्टी महासचिव अनंत कुमार ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा से बातचीत करके पटना साहिब की सीट तय की जाएगी, हालांकि बिहारी बाबू इंतजार करने को तो तैयार हैं पर किसी सूरत में पटना साहिब की सीट नहीं छोड़ेंगे, ये साफ हो गया है.
उधर बीजेपी के फायरब्रांड़ लीडर और मोदी के खासमखास माने जाने वाले गिरिराज सिंह ने नवादा सीट पर उम्मीदवारी के ऐलान के बाद वहां से चुनाव नहीं लड़ने के संकेत दिए हैं. गिरिराज सिंह के करीबी सूत्रों के मुताबिक वो नवादा से टिकट दिए जाने खासे नाराज हैं. गिरिराज सिंह ने खुद के लिए बेगुसराय की सीट मांगी थी पर पार्टी ने बेगुसराय से नवादा के सांसद भोला सिंह को टिकट दिया है.
उधर नरेन्द्र मोदी के दूसरे करीबी और राष्ट्रीय सचिव रामेश्वर चौरसिया भी नाराज हैं. चौरसिया काराकाट सीट पर अपनी दावेदारी जता रहे थे पर सूत्रों के मुताबिक ये सीट गठबंधन में उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी को दिया जाना तय है ऐसे में चौरसिया ने भी आलाकमान को अपनी नाराजगी से अवगत करा दिया है.
जिस तरह से मौजूदा 12 सांसदों में से 11 सांसदो की उम्मीदवारी को बरकरार रखा गया है पर बिहारी बाबू की सीट पर सस्पेंस बना हुआ है इससे साफ है कि बिहार बीजेपी में कलह खुलकर सामने आ सकती है.
अपने बगावती अंदाज के लिए मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा ने हालांकि खुलकर अपनी बात नहीं कही है पर उत्तर प्रदेश की तरह अब बिहार में भी बीजेपी को पार्टी के भीतर ही कलह से रू-ब-रू होना पड़ सकता है.