उत्तर प्रदेश (यूपी) में लोकसभा चुनाव के आखिरी दो चरण का चुनाव बाकी है.
इन दो चरणों में
अधिकांश सीटें पूर्वांचल की है. बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी
वाराणसी से उम्मीदवार है तो इस क्षेत्र में सपा और बसपा की भी मजबूत पकड़
है. आइए आजतक से खास बातचीत में जानते हैं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष
मुलायम सिंह यादव के दिल में क्या है, इन चुनावों को लेकर.....
सवाल - इस उम्र में भी काफी मेहनत कर लेते है.
जवाब - मेहनत तो करनी पड़ेगी, समाजवादी पार्टी सबसे आगे चल रही है.
सवाल - मोदी का दावा है कि सन 84 में कांग्रेस को जैसी सफलता मिली थी इस बार वैसी सफलता बीजेपी को मिलेगी.
जवाब - जहां तक मोदी का सवाल है तो शुरू-शुरू में लगा था कि अच्छा माहौल है. लेकिन तब भी ऐसा माहौल नहीं था जैसा उनका विचार है यूपी और देश के बारे में. यूपी में तो अब वो हालत रही नहीं. आम जनता में भी कुछ अच्छा प्रभाव था वो अब नहीं है.
सवाल - इसके पीछे वजह क्या है.
जवाब - वजह है कि दूसरी पार्टियां ने भी अपनी बात रखी है. जो घटना गुजरात में हुई उसको लेकर अल्पसंख्यकों में जबरदस्त असंतोष है. दूसरी बात ये कि छोटी-छोटी जातियों में बंटे लोगों पर मोदी का असर नहीं है, बड़ी जातियों पर मोदी का असर है.
सवाल - वेस्टर्न यूपी में बीजेपी का प्रचार-प्रसार काफी रहा, बीजेपी और मोदी के पक्ष में हवा दिखी.
जवाब - मुजफ्फरनगर के समाजवादी वोटर हैं वहां के मुसलमान. बीजेपी ने वहां हिन्दू-मुसलमान चलाने की कोशिश की लेकिन मुसलमानों ने वोट दिया समाजवादी पार्टी को. जब मैंने उनसे पूछा, 'तुम्हारे साथ तो बहुत अत्याचार हुआ, तो उन्होंने कहा कि अत्याचार तो बहुत जगह हुआ, लेकिन यूपी सरकार ने हमारी अच्छी और पर्याप्त मदद की है. समाजवादी पार्टी की सरकार और मदद करने वाले नेताओं के नाम गिनाकर बताए कि हमारी मदद हुई है. इस वजह से समाजवादी पार्टी को मिला है और दूसरा जो हुआ है वो तो बीजेपी ने कराया.
सवाल - आपके विरोधी कहते हैं कि दंगा आपकी पार्टी ने कराया और आजम का भी हाथ है.
जवाब - मुझे आश्चर्य इस बात का है कि आजम साहब को इस घटना की जानकारी भी नहीं हुई. आजम साहब को तब जानकारी हुई जब पूरी की पूरी घटना हो गई. हमने उनको टेलिफोन किया, वास्तव में उनको जानकारी नहीं थी. फिर मैंने कहा कि चलिए हम और आप चलें, तो उन्होंने कहा कि हम और आप जरूर चलेंगे. लेकिन घटना की पूरी जानकारी कर लेते हैं, इसके बाद मौके पर आजम गए.
सवाल - आजम पर आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए जिसकी वजह से चुनाव आयोग ने पाबंदी लगाई.
जवाब - आजम साहब के साथ पक्षपात हुआ है. संवैधानिक संस्थाओं से मैं इस तरह की उम्मीद नहीं करता. लोकतंत्र में पूरा अधिकार और स्वतंत्रता है बोलने की. अगर कोई गंभीर घटना है तो फिर कार्रवाई का अधिकार है लेकिन ये चुनाव आयोग ने गलत काम किया है और संविधान विरोधी काम किया है.
सवाल - आप रक्षा मंत्री भी रहे हैं और तमाम इलाकों में गए भी हैं. ये कहना कहा तक उचित है कि किसी एक वर्ग विशेष की वजह से जंग जीती गई.
जवाब - उन्होंने एक वर्ग की बात नहीं कही. उन्होंने सही बात कही थी. एक मुसलमान था जो लड़ा और शहीद हुआ और सही है कि अब्दुल हमीद ने अकेले लड़ाई में जीत नहीं दिलाई. अगर वो कूद नहीं पड़ा होता तो क्या हालत होती हिन्दुस्तानी फौज की और क्या परिणाम होता लड़ाई का?. हम जब कह रहे हैं तो इलेक्शन कमीशन कुछ नहीं कह रहा है लेकिन आजम कहते हैं तो इलेक्शन कमीशन एक्शन लेता है. यही मैं पूछना चाहता हूं कि हम वही बात कह रहे हैं और लगातार कह रहे हैं और आज भी कह कर आए हैं तो हम पर एक्शन क्यों नहीं लेते हैं?.
सवाल - आपके और आजम के तरीकों में अंतर होगा.
जवाब - अब कोई तरीका निकालो लेकिन बात तो वही कहते हैं हम भी.
सवाल - आपके बारे में भी आजकल कहा जा रहा है जो पहले कहा जाता था. मौलाना मुलायम, समाजवादी पार्टी पर बूथ कैप्चर कराने का आरोप लगाया है अमित शाह ने.
जवाब - अमित शाह क्या कह रहे हैं और अमित शाह क्या हैं?. उनके बारे में कुछ भी बोलना ही उचित नहीं होगा. ये सारा देश जानता है. ये विचित्र स्थिति है कि अमित शाह जैसे लोग चुनाव इंचार्ज बनाकर यूपी में भेजे जाएं. शाह को कौन नहीं जानता कि अमित शाह ने कितने कत्लेआम करवाए हैं. अमित शाह के अत्याचार को मैंने आंखों से देखा है. लड़कियों और महिलाओं पर किए गए अत्याचार से मेरी आंखों में आंसू आ गए. ऐसा हुआ था और अब वो मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे, तो देश का क्या होगा. वैसे वो बनेंगे तो नहीं मैं कह सकता हूं. बनेंगे तो भी उनको बहुमत नहीं मिलेगा. बहुमत नहीं आ रहा है उनका कि 272 सीटें जीत रहे हैं. लेकिन अगर मिल जुलकर बहुमत आ भी जाए तो वहां ऐसे लोग बैठे हैं कि उनको मौका नहीं मिलेगा.
सवाल - जैसे कौन बैठे हैं.
जवाब - अब वो नहीं बताउंगा, ये सब जानते हैं उम्मीदवार कोई दूसरा है प्रधानमंत्री का.
सवाल - मोदी के जो समर्थक है कॉर्पोरेट इंडिया के वो कहते हैं कि हमें एक आदमी चाहिए जो विकास का काम करे और जो ताकतवर हो.
जवाब - गुजरात में कितने साल हो गए उनको. लेकिन क्या कर दिया वहां. देखिए सबसे ज्यादा बेरोजगार नौजवान गुजरात के अंदर है. वहां के लोग पानी को तरस रहे हैं. कई जिलों में पानी नहीं है, क्या किया उन्होंने. इसी तरह से 37 हजार बच्चियों का पता नहीं है, पता ही नहीं है कहां गए मैं बोल तो रहा हूं रोज. अब वो कहते हैं कि मुलायम सिंह हमारी खुफियागिरी कर रहे हैं. 37 हजार तो लापता हैं. वहां पर कितने लोग बीमार हैं, दवाई नहीं है. अगर अस्पताल है तो डॉक्टर नहीं है. ये हालत है आज गुजरात की और 21 जिलों में पीने का पानी तक नहीं है.
सवाल - वो हवाला देते हैं कि कृषि उत्पादन वहां 10 फीसदी है जबकि पूरे देश में 3 फीसदी है. गांव-गांव में रोड है और इंटरनेट भी है.
जवाब - यूपी से वो गुजरात का मुकाबला कर ही नहीं सकते. वहां 8 घंटे बिजली है गुजरात में. ना सड़कों के बारे में ना पानी के बारे में ना विकास के बारे में और ना बिजली के बारे में. वहां बड़े-बड़े उद्योगपति हैं जो ये प्रचार करवा रहे हैं. ये उनकी मजबूरी है. सच्चाई ये है कि आप कभी डेलिगेशन लेकर जाइए तब देखेंगे कि कितनी बच्चियां गायब है. बिजली कितने घंटे आती है. क्या विकास है और पानी पीने के लिए तो आज के दिन भी जब मैं बोल रहा हूं 21 जिलों में नहीं है. जो बोल रहा हूं सच बोल रहा हूं और इसलिए मोदी साहब परेशान हैं कि मुलायम सिंह सच बोल रहा है. झूठ बोल-बोल के मोदी ने ये सब किया है. 6 बड़े उद्योगपति जो खरबपति हैं वो चुप हैं. उनके अखबार भी हैं जो मोदी बोलते हैं वहीं उनमें छपता है. वो डरे हुए हैं कि हमें बर्वाद कर देगा सो उद्योगपति चुप हैं और कई उद्योगपित तो उनके साथ लग गए. नाम नहीं लूंगा. मैं जानता हूं पर्सनली उन्होंने कम से कम 10 हजार करोड़ रुपया दिया है.
सवाल - आप ये मानते हैं कि सिरे से नकारने का कोई मोदी भेद है.
जवाब - मोदी साहब ने जो भी गुजरात में विकास की बात कही है वो बिल्कुल गलत है और यूपी के बराबर नहीं है. 8 घंटा तो बिजली आती है वहां और यहां कहते हैं कि पूरी बिजली दे रहे हैं. पता नहीं क्यों झूठ बोल रहे हैं सब लोग और झूठ को सही मान रहे हैं.
सवाल - लेकिन ज्यादातर लोग तो ये मानते हैं कि मोदी ताकतवर नेता हैं.
जवाब - काहे की ताकत, कुश्ती लड़ेंगे क्या..56 इंच की बात करते हैं उन्हें हमारे बारे में पता है. जब तुमने अत्याचार और जुल्म किया था तब नहीं देखा था कितने इंच का सीना है. मुझे अहमदाबाद आने से ये कहकर रोका था कि आप अगर आ रहे तो आपकी जान चली जाए तो मैं जिम्मेदार नहीं हूं. मुझे एसपी ने रोका लेकिन मैं नहीं रुका...मैंने कहा मुझे गिरफ्तार करो, मुझे जेल में डाल दो या गोली मार दो.
सवाल - पिछली सरकार की विफलताओं की वजह से लोग मोदी से उम्मीद बांधें हुए हैं.
जवाब - देश में महंगाई है लेकिन गुजरात में महंगाई यूपी से ज्यादा है. आपके माध्यम से मोदी साहब से भी ये बात कह रहा हूं कि वहां महंगाई ज्यादा है, पता नहीं क्यों झूठ प्रचार हो रहा है सब जगह.
सवाल- आप जो कह रहे हैं तो बीजेपी के तो नंबर आएंगे नहीं तो क्या कांग्रेस का कोई चांस है.
जवाब - ये सही है कि कांग्रेस से लोगों की नराजगी है. पिछले 10 साल में कांग्रेस ने जनता के लिए कोई ऐसा काम नहीं किया हैं. जिससे कि वो कह सके कि हमने ये काम किया है. कांग्रेस से नाराज होने की वजह से उसका लाभ बीजेपी को मिल सकता है थोड़ा बहुत. लेकिन वो लाभ उन्हें अकेले नहीं मिलेगा. तमाम दल हैं जिन्हें लाभ मिलेगा. जब चीन हमला कर रहा है तब भी लोकसभा में वो कुछ नहीं बोले. मैंने आडवाणी जी से भी बोला, कुछ तो बोलिए. देश भक्ति की बात करते हैं लेकिन जब चीन कब्जा कर रहा था मेरी अपील पर भी आडवाणी जी नहीं बोले.
सवाल - हर पिता का एक सपना होता है और आपका एक सपना साकार हो गया. लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का सपना है कि नेताजी को पीएम बनता देखें.
जवाब - वो तो मैं नहीं कह सकता लेकिन हमारे कार्यकर्ता काफी मेहनत कर रहे हैं. आप जब हमारी सभाओं को देखेंगे तो समझेंगे. जनता का रुझान तो समाजवादी पार्टी की तरफ है. पार्टी जो कहती है वो करती है. जो भी वायदा किया था वो हमारी सरकार ने पूरा किया है. जो भीड़ हो रही है उससे उम्मीद तो बंधती है. हमने जनता से यही कहा है कि हमें ताकत दो.
सवाल - अगर तीसरा मोर्चा की बात आती है तो आपको बाहर से समर्थन लेना पड़ेगा.
जवाब - हम ये चाहते हैं कि तीसरे मोर्चे की सरकार बने. क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी से जनता नाराज है. बीजेपी ने पहले भी सरकार चलाया है और कोई चमत्कारी काम नहीं किया है. लेकिन तीसरे मोर्चे की देवगौड़ा या गुजराल की सरकार ने सच्चाई के साथ बहुत काम किया. सीट नहीं आने पर देखेंगे. ये तो नहीं कहा है कि हम बाहर से समर्थन नहीं देंगे, ना कि हम सरकार में शामिल नहीं होंगे. कांग्रेस के कई लीडर कह चुके हैं कि हम बाहर से सिर्फ समर्थन नहीं देंगे, मतलब है कि हम भी शामिल हो जाएं.