राजधानी दिल्ली से सटे गाजियबाद में भी चुनावी पारा चढ़ने लगा है. यहां बीजेपी प्रत्याशी वीके सिंह और आम आदमी पार्टी की शाजिया इल्मी आमने-सामने है.
AAP प्रत्याशी ने जुबानी प्रहार की शुरुआत करते हुए कह दिया है कि आर्मी के जनरल को राजनीती में नहीं आना चाहिए. उन्होंने कहा को जनरल को गाजियाबाद से उतारकर बीजेपी ने बलि का बकरा बनाया है. शाजिया ने वीके सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि हमारी आर्मी पाकिस्तान की आर्मी नहीं है.
जनरल वीके सिंह शाजिया के इस बयान से तिलमिला गए हैं. उन्होंने शाजिया की शिकायत चुनाव आयोग से कर दी है. वीके सिंह ने इसकी व्याख्या इस तरह से की कि शाजिया यह कह रही थीं कि एक फौजी अगर चुनाव लड़ेगा तो यहां पाकिस्तान जैसे हालात हो जाएंगे.
बहरहाल शाजिया अपने बयान पर कायम हैं . उन्होंने तो स्मृति इरानी और राहुल गांधी को भी एक ही थाली का चट्टा-बट्टा बता दिया है. शाजिया ने राजनाथ सिंह के गाजियाबाद सीट छोड़ने पर चुटकी लेते कहा कि बीजेपी अध्यक्ष सीट छोड़कर भाग गए थे.
चुनाव आयोग की नजर में ये बयान आपत्तिजनक हैं या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा. लेकिन इससे गाजियाबाद में बीजेपी और AAP प्रत्याशी आमने-सामने जरूर आ गए हैं.
इस बीच वीके सिंह ने कहा कि वह गाज़ियाबाद को दिल्ली की तर्ज़ पर विकास दिलवाने के मुद्दे रख रहे हैं. उनके प्रचार वाले पैंफलेट में यह भी लिखा है कि उनकी तारीफ अन्ना हजारे भी कर चुके हैं.
शाजिया इल्मी भी विकास के दावे कर रही हैं. उनका कहना है कि वह चुनाव में फ्रंट रनर हैं और आम आदमी पार्टी यहां से चुनाव जीतने जा रही है. हालांकि गाज़ियाबाद में शाजिया एक और विवाद पहले ही मोल ले चुकी हैं. वह एक मंदिर में गई थीं, जिसका उलेमाओं ने विरोध भी किया था.