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तमिलनाडु: ‘गेट वेल सून’ संदेश भेजने वाली वनाथी श्रीनिवासन से हार गए कमल हासन, चुनाव में जमकर कसे थे तंज

तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में भले ही बीजेपी का जादू नहीं चला, लेकिन यहां जिन चार सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है, उनमें से साउथ कोयम्बटूर की प्रत्याशी वनाथी श्रीनिवासन की जमकर चर्चा है. ये चर्चा चुनाव प्रचार से शुरू हुई. सुपर स्टार को हराने वाली वनाथी ने छात्र जीवन से ही राजनीति की शुरुआत की थी.

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कमल हासन और बीजेपी की विजयी प्रत्याशी वनाथी श्रीनिवासन
कमल हासन और बीजेपी की विजयी प्रत्याशी वनाथी श्रीनिवासन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 20 में से 4 सीट जीती बीजेपी 
  • ABVP से की थी राजनीति की शुरुआत
  • कोयम्बटूर साउथ से दर्ज की जीत

तमिलनाडु में AIADMK के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को 4 सीटों पर कामयाबी मिली है. राज्य में 20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को 4 सीटों पर जीत हासिल हुई है. बीजेपी को सबसे बड़ा झटका धारापुरम सीट पर लगा जहां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन को डीएमके उम्मीदवार एन कायलविजी के सामने सिर्फ 1393 वोटों से शिकस्त का सामना करना पड़ा, लेकिन बीजेपी को कोयम्बटूर साउथ में बड़ी कामयाबी मिली, जहां पार्टी उम्मीदवार वनाथी श्रीनिवासन ने दिग्गज सुपर स्टार और मक्कल निधि मय्यमम एमएनएम प्रमुख कमलहासन को 1728 वोट से मात दी. 

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कांग्रेस की एंट्री से हुआ त्रिको​णीय मुकाबला 
कोयम्बटूर साउथ से डीएमके-कांग्रेस गठबंधन की ओर से कांग्रेस की मयूरा जयकुमार ने संघर्ष को त्रिकोणीय बना दिया. विजयी उम्मीदवार वनाथी श्रीनिवासन को 53,209 वोट, कमल हासन को 51,481 और मयूरा को 42,383 वोट मिले. इस सीट पर 26 राउंड की काउंटिंग में कभी वनाथी, कभी कमल हासन और कभी मयूरा का पलड़ा भारी होता दिखा. 22वें राउंड तक कमल हासन 176 वोट से आगे थे, लेकिन उसके बाद के राउंड में वनाथी ने बढ़त लेना शुरू किया. गिनती खत्म होने पर बाजी वनाथी के हाथ में रही. कमल हासन सुबह चेन्नई स्थित अपने आवास से निकले और जीसीटी कॉलेज में काउंटिंग खत्म होने तक बने रहे.  

जमकर हुई थी बयानबाजी 
इस सीट पर लड़ाई तब दिलचस्प हो गई थी, जब कमल ने अपनी विरोधी उम्मीदवार को थुक्काडा (छोटा) राजनेता बताया था. इस पर वनाथी ने पलटवार करते हुए कहा था कि फिल्मों में किसिंग सीन के लिए मशहूर कमल हासन लोगों के लिए लंबे चौड़े वादों की लिप सर्विस ही करते हैं. 

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66 साल के कमल हासन ने दरअसल कोयम्बटूर साउथ सीट को इसलिए चुना क्योंकि 2019 लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवार पोल्लाची महेंद्रन को इस क्षेत्र से अच्छे वोट मिले थे. कमल हासन ने वादा किया था कि अगर वो कोयम्बटूर साउथ सीट से जीते तो यहां का नक्शा पलट देंगे. 

ABVP से की राजनीति की शुरुआत 
दूसरी ओर, बीजेपी राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनाथी के दावे के मुताबिक वे छोटे गांव में पैदा हुईं, सरकारी स्कूल में पढ़ीं, वकील बनीं, और शादी करने के बाद दो बच्चों की मां बनीं. 51 साल की वनाथी का कहना है कि वो सही मायने में जमीन की बेटी हैं. दिलचस्प है कि थोंडामुथुर के उलियापलायम गांव में पैदा हुईं वनाथी ने वकालत के दांवपेंच तमिलनाडु कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बीएस ज्ञानादेसिकन के साथ प्रैक्टिस करते हुए सीखे. वनाथी का राजनीतिक करियर 1987 में शुरू हुआ, जब वे बीजेपी के छात्र विंग अखिल भारती विद्यार्थी परिषद (ABVP) में शामिल हुईं.  

 
जीत पर दी जनता को बधाई  

2001 में वनाथी बीजेपी की एक्जीक्यूटिव सदस्य, 2013 में राज्य सचिव, 2014 में राष्ट्रीय महासचिव और 2020 में राज्य उपाध्यक्ष बनीं. 28 अक्टूबर 2020 को वनाथी ने बीजेपी राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष के तौर पर कमान संभाली. वनाथी ने 2016 में भी कोयम्बटूर साउथ से चुनाव लड़ा था और 33,133 वोट हासिल किए थे. लेकिन तब इस सीट से एआईडीएमके के अर्जुनन को कामयाबी मिली थी. इस बार बीजेपी ने एआईएडीएमके के साथ मिल कर चुनाव लड़ा. वनाथी ने कोयम्बटूर साउथ से चुनाव जीतने के बाद जनता को धन्यवाद दिया. साथ ही पार्टी समर्थकों से अपील की कि वे कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए किसी तरह का जश्न न मनाएं और अपनी ऊर्जा जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने में लगाए.  

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 कमल हासन को बताया था आउट साइडर 
बता दें चुनाव प्रचार के दौरान ही मार्च में कमल हासन के पैर में चोट आ गई थी. वनाथी श्रीनिवासन को जब इसका पता चला तो उन्होंने कमल हासन को ‘गेट वेल सून’ संदेश के साथ फलों की टोकरी भेजी थी. वनाथी ने तब पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि 'ये कोयम्बटूर के लोगों की परम्परा रही है कि वे अपने मेहमानों का अच्छा ध्यान रखते हैं. साउथ कोयम्बटूर में चुनाव लड़ रही मक्कल निधि मय्यम क्योंकि मेहमान है, इसलिए उनके अंदर की कोयम्बटूर भावना चाहती है कि कमल हासन बेहतर महसूस करें. यही वजह है कि मैंने उन्हें फल भेजे हैं.'  वनाथी ने कमल हासन और उनकी पार्टी के लिए मेहमान शब्द का इस्तेमाल कर अप्रत्यक्ष रूप से ये कहना चाहा कि वे साउथ कोयम्बटूर के लिए 'आउटसाइडर' हैं.

 

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