तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का औपचारिक ऐलान भले ही न हुआ हो, लेकिन सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. जहां एक ओर कांग्रेस और डीएमके ने मिलकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है तो वहीं AIADMK-बीजेपी गठबंधन पर मुहर लग सकती है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंच रहे हैं. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात कर सकते हैं और इस दौरान गठबंधन को अमलीजामा पहनाए जाने के साथ-साथ राज्य की चुनावी स्थिति पर भी चर्चा कर सकते हैं.
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं दिवंगत जयललिता की सहेली वीके शशिकला की 27 जनवरी को जेल से बाहर आने की उम्मीद है. ऐसे में एआईएडीएमके और तमिलनाडु की राजनीति पर असर पड़ सकता है. ऐसे में पलानीस्वामी का दिल्ली दौरा काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस महीने की शुरुआत में AIADMK की आम परिषद की बैठक में उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया है.
पलानीस्वामी ने पिछले सप्ताह ही चेन्नई के मरीना समुद्र तट पर जयललिता के फीनिक्स-शैली के स्मारक पर चल रहे काम की समीक्षा की थी. AIADMK सरकार जयललिता की जयंती (24 फरवरी) पर स्मारक का उद्घाटन कराने की रणनीति बना रही है, जिसके लिए सीएम पलानास्वामी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा कर सकते हैं और उन्हें शामिल होने के लिए निमंत्रण भी दे सकते हैं.
बता दें कि AIADMK और बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन किया था पर कोई सियासी प्रभाव नहीं दिखा सके थे. इसके बाद भी बीजेपी और AIADMK मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने हाल ही में राज्य का दौरा किया था और AIADMK के साथ चुनाव लड़ने के संकेत भी दिए थे. ऐसे में माना जा रहा है कि पलानीस्वामी की पीएम मोदी के साथ मुलाकात के बाद गठबंधन पर मुहर लग सकती है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भी 23 जनवरी को चुनाव प्रचार के लिए कोयम्बटूर जिले का दौरा करने की संभावना है. माना जा रहा है कि कोयम्बटूर, इरोड और तिरुप्पुर को कवर करने वाले पश्चिमी बेल्ट में तीन दिन का अभियान है. पश्चिमी इलाका AIADMK का गढ़ माना जाता है, जिसे डीएमके के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन जीतने की हरसंभव कोशिश कर रहा है. 14 जनवरी को पोंगल के दिन मदुरै जिले में राहुल गांधी ने पहुंचकर यह साफ कर दिया था.
राहुल जल्लीकट्टू के गवाह थे, जहां उनके साथ उनके सहयोगी, DMK के युवा विंग के सचिव और MK स्टालिन के बेटे उधयनिधि स्टालिन भी थे. राहुल ने स्थानीय लोगों के साथ दोपहर का भोजन किया और तमिल भावना को दबाने का आरोप लगाकर केंद्र पर हमला किया. राहुल की तमिलनाडु चुनाव के लिहाज से यह पहली यात्रा थी और अब दूसरे दौरे की भी योजना है. ऐसे में पीएम मोदी के साथ पलानीस्वामी की मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.
हालांकि, तमिलनाडु में बीजेपी और सत्ताधारी एआईएडीएमके के साथ चुनाव लड़ने की बात हो चुकी है. अमित शाह के चेन्नई दौरे में ये घोषणा की गई थी. तब मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी के साथ साथ डिप्टी सीएम ओ. पनीरसेल्वम भी मौजूद थे. इसी के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी राज्य का दौरा किया था. नड्डा का दौरा भी मकरसंक्रांति के दौरान हुआ था.