आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के बेटी और सीएम जगन मोहन रेड्डी की बहन ने तेलंगाना में चुनाव लड़ने के लिए अपनी पार्टी बनाई थी, अब चुनाव लड़ने के मना कर दिया है. YSR तेलंगाना पार्टी की चीफ वाईएस शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस के पास मौका है कि केसीआर सरकार को गिरा सकती है, इसलिए मैंने उसे सपोर्ट करने का फैसला किया है. फिलहाल मेरे पास कोई ऐसा मौका नहीं है.
इंडिया टुडे के कार्यक्रम तेलंगाना राउंड टेबल में शामिल हुईं शर्मिला ने कहा कि एक रिसर्च थी अगर मैं चुनाव लड़ती तो कांग्रेस को 55 सीटों पर नुकसान होता और 20 से ज्यादा सीटों पर कांग्रेस हार सकती थी क्योंकि जो वोट मुझे मिलेगा वो कांग्रेस पार्टी से जुडा हुआ होगा.
उन्होंने कहा, मैंने 2 साल पहले ही पार्टी बनाई है. उसके बाद मैंने 3800 किमी की पदयात्रा की, लोगों की समस्याओं का पता चला. हमने हर सीट की समस्याएं जानीं, उसके बाद उन मांगों को लेकर मैं 45 दिनों तक धरने पर रही. केसीआर उन वादों को पूरा नहीं कर पाए, जिनका उन्होंने वादा किया था.
शर्मिला ने कहा, मेरा शोषण किया गया. मेरे कार्यकर्ताओं को पीटा गया, पत्थरबाजी हुई, गाड़ी तोड़ी गई. हम लोगों की समस्याओं को लेकर लगातार ढाई साल से केसीआर से लड़ रहे हैं. भ्रष्टाचार, रोजगार समेत कई मुद्दे उठाए. तेलंगाना के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कांग्रेस का सत्ता में आने जरूरी है.
उन्होंने बताया कि कांग्रेस से उन्हें अपनी पार्टी को मर्जर करने का ऑफर था, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी को मर्ज नहीं किया. मेरी पार्टी नई है. चुनाव चिन्ह नहीं है. इसलिए फिर मैंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया.
उन्होंने कहा, मैंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बात की है. मैंने साथ काम करने के लिए बात की थी. हमने राजशेखर रेड्डी को लेकर बात की थी. उन्होंने कहा कि YSR की मौत के बाद जो हुआ, ये दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं तेलंगाना के लोगों के हित में जो भी काम होगा, वो करूंगी. उन्होंने कहा कि अगर राजशेखर जीवित होते तो आंध्र प्रदेश का बंटवारा नहीं होता. तेलंगाना में भ्रष्टाचार हुआ, मैं तेलंगाना की बेटी के रूप में लड़ती रहूंगी.