उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को चाचा शिवपाल यादव से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई. इस दौरान दोनों पार्टियों के बीच यूपी चुनाव को लेकर गठबंधन हो गया है.
45 मिनट में क्या क्या हुआ?
अखिलेश यादव चाचा शिवपाल के घर पहुंचे, अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव के पांव छुए तो भावुक हुए शिवपाल यादव ने उन्हें गले लगाया. अखिलेश यादव की मुलाकात पूरे परिवार से हुई. बाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष किरणमय नंदा भी पहुंचे. इसके बाद गठबंधन पर बात हुई और सहमति बनी.
अखिलेश ने पहले ही दिए थे संकेत
अखिलेश यादव सत्ता में वापसी के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हैं. ऐसे में पिछले कुछ दिनों से अखिलेश के सुरों में चाचा शिवपाल को लेकर नरमी भी देखी गई थी. उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंच से कहा भी है कि चाचा का पूरा सम्मान होगा, राजनीतिक लड़ाई में चाचा हमारे साथ होंगे.
वहीं, शिवपाल भी सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि अगर सम्मान होगा, तो उन्हें सपा के साथ आने में कोई दिक्कत नहीं है.
2018 में बनाई थी नई पार्टी
शिवपाल यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं. उनकी गिनती सपा के बड़े नेताओं में थी. 2007 में मायावती के शासन में शिवपाल यादव विपक्ष के नेता भी रहे हैं. हालांकि, 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव औऱ शिवपाल यादव में खटास बढ़ गई थी. इसके बाद शिवपाल यादव ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था. अक्टूबर 2018 में शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी मोर्चा बनाने का ऐलान किया. शिवपाल यादव ने 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी से प्रत्याशी भी उतारे थे. इसके चलते सपा को कई सीटों पर नुकसान भी उठाना पड़ा था.
भाजपा ने मुलाकात पर कसा तंज
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, 2017 चुनाव में हिसाब देने के बजाय चाचा भतीजे में गृहयुद्ध छिड़ा था. आज 2022 में कैसे सत्ता में वापस आया जाए इसके लिए चाचा भतीजे दोनों परेशान हैं. सत्ता में वापसी के लिए चाचा भतीजे गठबंधन पर विचार कर रहे हैं. लेकिन यूपी की जनता परिवारवाद को नकार चुकी है. जनता 2022 में भी विकास के मॉडल का साथ देगी. 2022 में योगी सरकार बनेगी.
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