Panchayat Aaj Tak Uttar Pradesh 2021 Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में यूपी की योगी सरकार (UP Government) पर जमकर वार किया. उन्होंने सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan) के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए. अखिलेश ने एक रहस्य से पर्दा उठाते हुए कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब योगी आदित्यनाथ की फाइल उनके पास आई थी.
'पंचायत आजतक' में अखिलेश यादव ने अधिकारियों पर बीजेपी सरकार के कहने पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''सपा ने एक मॉल बनाया था, जिसे यूपी सरकार ने कम रुपये में बेच दिया. हजार करोड़ रुपये के मॉल को 450 करोड़ में बेच दिया गया. उस पर डिप्टी सीएम ने मुख्यमंत्री को लेटर लिखकर कहा कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन उसमें जांच नहीं हुई. सरकार रिवरफ्रंट की जांच कर रही है. यह सबसे अच्छा काम हुआ है.'
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि आने वाले समय में इस बात की भी जांच होगी कि जिन लोगों ने रिवरफ्रंट को बर्बाद करके जनता का पैसा बर्बाद किया. हम भी आपके जैसे ही हैं. आपने हमें अपने जैसा ही बना दिया है कि डीएम-एसपी लगवाइए और जो चाहें उसे करवाइए. ये सभी बीजेपी का काम कर रहे हैं. अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या इन लोगों (अधिकारियों) को यह शिक्षा दी जाती है कि सरकार की गुलामी करें. आप एक ट्रांसफर के लिए पैसे का लेनदेन कर रहे हैं. मोहम्मद आजम खान को फंसाने पर अच्छी पोस्टिंग के लिए कहा जाता है.''
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अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार में इस तरह से काम नहीं होता था. अगर ऐसा होता तो हमारे सामने मुख्यमंत्री जी (योगी आदित्यनाथ) की फाइल आई थी, जो मुकदमा बाद में वापस ले लिया गया. समाजवादी पार्टी ने कभी भी ऐसा काम नहीं किया. वहीं, अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की 400 सीटें आ रही हैं और तीन सीटें विपक्ष को मिलेंगी.
उन्होंने कार्यक्रम में यह भी कहा कि बीजेपी सरकार ने यूपी को पीछे कर दिया है. दोनों सरकारों (केंद्र और यूपी) ने उत्तर प्रदेश को आखिरकार क्या दिया? बीजेपी मेनिफेस्टो नहीं बनाती है, वह मनीफेस्टो बनाती है. एक्सप्रेस-वे इनके नहीं हैं. इससे बड़ा झूठ और क्या हो सकता है? समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में से समाजवादी नाम हटा दिया और एक्सप्रेस-वे अपना कर लिया. अखिलेश यादव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आएं तो उनसे सवाल किया जाना चाहिए कि जमीन का अधिग्रहण किसने किया था.