वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मेगा इवेंट के जरिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पूर्वांचल साधने की कोशिश की है. अब बारी समाजवादी पार्टी (सपा) की है. जिस वाराणसी में कल और आज मेगा इवेंट हो रहा है, उससे महज 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जौनपुर में आज और कल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शक्ति प्रदर्शन करेंगे.
दरअसल, समाजवादी विजय रथ यात्रा का छठवां चरण आज से शुरू हो रहा है. अखिलेश यादव आज विजय रथ लेकर जौनपुर पहुंचेंगे. वह जौनपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सघन दौरा करेंगे. इसके अलावा जौनपुर जिले के 6 स्थानों पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे. अखिलेश यादव आज जौनपुर में ही रात्रि विश्राम भी करेंगे.
क्यों अहम है जौनपुर?
वाराणसी से सटे जिले जौनपुर में विधानसभा की 9 सीटें आती हैं, जबकि वाराणसी में विधानसभा की 8 सीटें हैं. 2017 के चुनाव में जौनपुर की 9 में से 5 सीटों (बदलापुर, जौनपुर सदर, जाफराबाद, केराकत और मढ़ियाहू) पर बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) जीती थी, जबकि सपा के खाते में सिर्फ 3 सीटें आई थी.
शाहगंज, मल्हानी और मछलीशहर पर सपा के प्रत्याशी जीतने में कामयाब हुए थे, जबकि तीन सीटों (मढ़ियाहू, जाफराबाद और केराकत) में सपा दूसरे नंबर पर थी. इसके अलावा मुंगरा बादशाहपुर सीट से बसपा की सीमा पटेल जीती थीं, जो हाल में ही सपा में शामिल हो गई हैं. 2012 के चुनाव में जौनपुर की 7 सीटों पर सपा जीती थी.
ऐसे में अखिलेश यादव की कोशिश सपा के पुराने गढ़ को बचाने की है. यही वजह है कि अखिलेश यादव दो दिन तक जौनपुर की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर प्रचार करेंगे और सपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे. पूरे जौनपुर की बात करें तो यहां अच्छी संख्या में ब्राह्मण, क्षत्रिय, मुस्लिम, यादव और अनुसूचित जाति के वोटर हैं.
जौनपुर के जरिए गाजीपुर, मऊ और बलिया को भी साधने की कोशिश
अखिलेश यादव की कोशिश जौनपुर के जरिए उसके पड़ोसी जिलों जैसे- गाजीपुर, बलिया, मऊ को भी साधने की कोशिश होगी. मऊ में 4 सीटें, बलिया में 7 सीटें और गाजीपुर में 7 सीटें आती है. 2017 के चुनाव बीजेपी ने ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के साथ मिलकर गाजीपुर की 5 सीटें जीती थी. अब राजभर सपा के पाले में आ गए हैं.
वहीं, 2017 के चुनाव में बीजेपी ने बलिया की पांच सीटें और मऊ की तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी. यानी इन तीन जिलों की 18 सीटों में से 13 सीटों पर बीजेपी जीती थी, जबकि सपा सिर्फ तीन सीटें जीत पाई थी. ऐसे में अखिलेश यादव की कोशिश बीजेपी के इस गढ़ में बड़ी सेंधमारी की होगी.
इससे पहले बुंदेलखंड में निकली थी रथयात्रा
अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा का यह छठवां चरण है. इससे पहले विजय यात्रा बुंदेलखंड में निकली थी. पांचवें चरण के दौरान अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड के बांदा, महोबा, झांसी जिलों में रथयात्रा निकालकर सपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की थी. उससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अखिलेश ने अपनी रथयात्रा निकाली थी.