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UP Election: 'मेरी कुंडली में विधायक बनने के योग', और चुनाव में निर्दलीय उतर गए ज्योतिषाचार्य

आपने ये तो जरूर सुना होगा कि किसी नेता को पार्टी से टिकट नहीं मिला या कोई नाराजगी हो गई तो वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े. लेकिन आपने ये शायद ही कभी सुना हो कि एक ज्यातिषाचार्य ने अपनी कुंडली में विधायक बनने की संभावना देखकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया.

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'मेरी कुंडली में विधायक बनने का योग है'
'मेरी कुंडली में विधायक बनने का योग है'
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मनोज कुमार गुप्ता इटावा जनपद में निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव
  • अपनी कुंडली देखकर विधायक बनने का दावा किया

देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है. सभी दल अपने उम्मीदवारों का भी ऐलान कर रहे हैं. रेस में बीजेपी और सपा सबसे आगे नजर आ रही हैं, लेकिन कई निर्दलीय भी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. ऐसे ही एक निर्दलीय प्रत्याशी इटावा जनपद से सामने आए हैं.

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इटावा जनपद की सदर विधानसभा सीट से एक निर्दलीय प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया. ये नामांकन किसी नेता का नहीं, बल्कि एक ज्योतिष आचार्य मनोज कुमार गुप्ता का है.

कुंडली देखकर लिया फैसला

मनोज कुमार गुप्ता ने अपनी कुंडली का अध्ययन किया तो उन्होंने देखा कि उनकी कुंडली में विधायक बनने का योग है और इस राजयोग की पुष्टि के लिए उन्होंने निर्दलीय नामांकन कर दिया है. 

ज्योतिषचार्य मनोज कुमार गुप्ता का कहना है कि जनता सभी दलों से परेशान है, नेताओं से परेशान है, त्राहिमाम कर रही है. इसलिए मैंने दल न चुनकर निर्दलीय नामांकन किया है और चुनाव लड़ने की ठानी है क्योंकि मेरी कुंडली में विधायक बनने का योग है और मैं इस बार विधायक बनूंगा.

निर्दलीय प्रत्याशी मनोज कुमार का परिधान भी विशेष रूप से अलग था. उन्होंने धोती और लाल रंग की जड़ी हुई शेरवानी, गले में मोतियों की माला पहनकर नामांकन दाखिल किया. ज्योतिषाचार्य ने यह भी कहा कि विधायक बनने के बाद सदर विधानसभा में सबसे पहला काम भ्रष्टाचार को खत्म करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना और शहर में जाम की समस्या को खत्म करवाएंगे.

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अब देखना होगा कि मनोज कुमार की कुंडली में विधायक बनने का राजयोग कितना सच साबित होता है या फिर कुंडली के गणितीय आंकड़े में त्रुटि निकलती है. अभी के लिए तो उनका नाम सुर्खियों में आ गया है. हर तरफ उनकी उम्मीदवारी की चर्चा है, सफल कितने रहते हैं, ये 10 मार्च को साफ हो जाएगा.

अमित तिवारी का इनपुट

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