
उत्तर प्रदेश में अभी सातों चरणों का मतदान भी खत्म नहीं हुआ, लेकिन अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार के सरकारी आवास के बोर्ड का रंग भगवा से हरा हो गया. डीएम नीतीश कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं मालूम है, लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्ल्यूडी से बात करिए जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है.
दरअसल 24 अक्टूबर 2021 को अयोध्या के तत्कालीन जिला अधिकारी अनुज कुमार झा का ट्रांसफर हुआ था. उनके स्थानांतरण के पहले से ही अयोध्या जिलाधिकारी आवास का नए सिरे से निर्माण शुरू हुआ था. इसी कारण जिलाधिकारी के आवास को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में अस्थाई तौर पर स्थानांतरित कर दिया गया था.
अयोध्या के मौजूदा जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने जब से कार्यभार ग्रहण किया तब से उनका यही आवास और कैंप कार्यालय है. उस समय जिलाधिकारी के इस आवास के बाहर जो बोर्ड लगाया गया उसका रंग भगवा था और उस पर सफेद रंग से जिलाधिकारी आवास लिखा गया था. बुधवार को अचानक इसी बोर्ड को बदल दिया गया.
अब हरे रंग के बोर्ड पर सफेद रंग से जिलाधिकारी आवास लिखा हुआ है. रंगों के इसी बदलाव के बीच सियासी चर्चा ने भी जोर पकड़ लिया है कि अचानक बोर्ड का रंग बदलने की पीछे की वजह क्या है? अब जाहिर है सियासी चर्चा होगी तो उसके मायने भी निकाले जाएंगे और इसको लेकर अटकलें भी लगाई जाएंगी.
बोर्ड का रंग बदलने के समय पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न नहीं हुए हैं. छठवें और सातवें चरण के विधानसभा सीटों पर एक-एक वोट को लेकर संघर्ष चल रहा है, ऐसे समय में अयोध्या जैसे चर्चित जनपद के जिलाधिकारी आवास के बोर्ड का रंग भगवा से हरा करना चर्चा का विषय बना हुआ है. समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग इसके अलग सियासी मायने निकाल रहे हैं.
इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह झंडो के रंगों को आधार बताया जा रहा है, जिसमें भाजपा के झंडे में भगवा और सपा के झंडे का रंग हरा है. डीएम आवास के बोर्ड का रंग भगवा से हरा हुआ तो सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिलाधिकारी आवास के बोर्ड का रंग भगवा से हरा हुआ और इसको लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं शुरू हुई तो हमने अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार से इस बारे में सच जानना चाहा. खुद डीएम नीतीश कुमार कहते हैं कि वह लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में अस्थाई तौर पर रहते हैं, क्योंकि जिलाधिकारी आवास निर्माणाधीन है.
डीएम नीतीश कुमार ने बताया गया कि लोक निर्माण विभाग के इस अतिथि गृह पर पहले जो बोर्ड लगा था वह हरे रंग का था, इसलिए बोर्ड बदला गया है. अब सवाल यह है कि अगर अतिथि गृह के बोर्ड का रंग हरा था तो भगवा रंग के बैकग्राउंड वाला बोर्ड क्यों लगाया गया और अगर लगाया गया तो मौजूदा समय में अचानक बदल कर हरा क्यों किया गया.
सपा ने कहा- अधिकारी होते हैं मौसम वैज्ञानिक
अयोध्या सदर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी तेज नारायण पांडे ने कहा कि अधिकारी सबसे बड़े मौसम वैज्ञानिक होते हैं उन्हें पहले से पता लग जाता है कि कौन सरकार आ रही है और कौन सरकार जा रही है.