बारा विधानसभा दलित बाहुल्य इलाका है और सुरक्षित सीट रही है. बारा उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है. 2017 के विधानसभा चुनाव में डॉ अजय कुमार बीजेपी से जीते थे. डॉक्टर अजय कुमार ने समाजवादी पार्टी के अजय भारती को 34053 वोटों के अंतर से हराया था. ये सीट बाहुबली नेता उदयभान करवरिया के कारण जानी जाती रही है. यहां पहले कांग्रेस का दबदबा रहा करता था. यहां किसान और मजदूर वर्ग ज्यादा है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
बारा में जहां 80 के दशक में कांग्रेस का दबदबा रहा है. लेकिन 1989 के बाद समीकरण बदला और जनता दल की लहर बनी और जनता दल के रामदुलार सिंह जीते. इसके बाद 1991 में बसपा पहली बार जीती. जिसमें राम सेवक पटेल जीते. इसके बाद 1993 और 1996 में भी रामसेवक पटेल तीन बार बसपा से काबिज रहे. वहीं, बीजेपी 2002 में अपना कमल खिलाने में कामयाब रही और बीजेपी से जीत हासिल कर उदय भान करवरिया ने बसपा को हराकर जीत दर्ज की. 2007 में भी दूसरी बार बीजेपी काबिज रही और बसपा के प्रत्यासी दीपक पटेल को हराया. इसके बाद 2012 में इस सीट पर पहली बार समाजवादी पार्टी के नेता अजय कुमार की जीत हुई. ये सीट 2007 तक सामान्य सीट रही है और परिसीमन के बाद रिजर्व हो गई इसके बाद 2017 में बीजेपी के टिकट से डॉक्टर अजय कुमार ने समाजवादी पार्टी के अजय भारती को हराकर फिर जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे. यहां पर वोटर प्रत्याशी का चेहरा भी देख कर मतदान करते है.
सामाजिक ताना-बाना
बारा में धार्मिक स्थिति की बात करें तो यहां प्राचीन मनकामेश्वर मंदिर भी है. बारा में मजदूर किसान साथ कामगार भी है. यहां खेती किसानी कर ज्यादातर लोग अपना काम करते है. इस इलाके को दलित बाहुल्य इलाका माना जाता है. बारा में 1 लाख 20 हज़ार दलित मतदाता है. वही 50 हज़ार पिछड़ी जाति व 50 हज़ार ब्राम्हण, 40 हज़ार मुस्लिम और इतनी ही अन्य जातियां है. कुल मतदाता की संख्या तीन लाख के आसपास है, जिसमें 159350 के आसपास पुरुष और 132910 महिला मतदाता है और अन्य भी है.
2017 का जनादेश
2017 में हुए चुनाव में डॉक्टर अजय कुमार पहले स्थान पर रहे, जिनको 79202 वोट मिले. वही सपा के अजय भारती दूसरे स्थान पर रहे जिनको 45165 मत मिले वही बसपा तीसरे स्थान पर रही और बसपा प्रत्यासी अशोक कुमार गौतम को 37052 मतों से संतुस्ट होना पड़ा. यहा करीब 60 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया था.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
वर्तमान में सीट के विधायक अजय कुमार ने अपने क्षेत्र के लिए हर तरह से विकास किया है. अजय कुमार ने विधायक निधि से प्राप्त हुई पूरी धन राशि क्षेत्र में सड़क, गलियां और अन्य कामों पर खर्च किया है. अजय कुमार का कहना है कि जनता काम देखती है और उन्हें काम के नाम पर ही वोट मिलेंगे और वो दोबारा सत्ता में आएंगे.