उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की 6 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और हर रोज समीकरण बन-बिगड़ रहे हैं. जनता का मूड जानने के लिए आजतक की टीम शुक्रवार को जैदपुर विधानसभा में पहुंची. यहां दलित और मुस्लिम आबादी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) से इतर कांग्रेस भी अपना जनाधार मजबूत रखती है.
सिद्धौर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन और समाजवादी पार्टी (सपा) नेता हाकिम अली बादशाह ने कहा कि यहां लड़ाई सपा और कांग्रेस में होगी, बीजेपी तीसरे नंबर पर रहेगी. इस सीट से कांग्रेस ने तनुज पुनिया, सपा ने मौजूदा विधायक गौरव रावत और बीजेपी ने अंबरीश रावत को टिकट दिया है. इन तीनों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है.
सपा नेता ही बोले- क्षेत्र में कम आते हैं पार्टी विधायक
जैदपुर विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी समस्याओं के अलावा स्थानीय सपा विधायक गौरव रावत से उनके पार्टी के ही लोग नाराज हैं. इस मामले में सपा नेता हाकिम अली बादशाह ने कहा, 'ये सच है कि सपा विधायक गौरव रावत क्षेत्र में तो बहुत कम आते हैं, विकास भी ढाई साल में कुछ खास नहीं हुआ, इस वक़्त सपा की लहर है और लेकिन यहां कांग्रेस मजबूत है.'
सपा नेता हाकिम अली बादशाह ने कहा कि कांग्रेस के तनुज पुनिया क्षेत्र की जनता के बीच लगातार सुख-दुख में खड़े रहते हैं इसलिए तनुज अच्छी टक्कर दे रहे हैं और जीत भी सकते हैं.
बता दें कि ज़ैदपुर सुरक्षित सीट है. 2017 में यहां से बीजेपी के उपेंद्र रावत ने भगवा परचम लहराया था. 2019 में उपेंद्र के सांसद बनने के बाद उपचुनाव में सपा के गौरव रावत जीते थे.
बीजेपी के पक्के मकान पर आवारा पशु भारी!
ढाई साल में जैदपुर का सियासी समीकरण बदला हुआ नजर आ रहा है. सिद्धौर के कुछ लोगों का कहना है कि गौरव रावत चुनाव जीतने के बाद दोबारा क्षेत्र में नहीं आए. हालांकि कुछ लोग बीजेपी के पक्ष में माहौल बता रहे हैं. स्थानीय निवासी मोहम्मद फैजान कहते हैं कि माहौल तो भाजपा का लग रहा है, क्योंकि इस सरकार में सबके पक्के मकान बने हैं.
जैदपुर विधानसभा में ही रहने वाले बख्तावर रावत ने कहा कि हमको भाजपा सरकार में पक्का मकान ज़रूर मिला लेकिन हमारे खेत तो आवारा जानवर चर जाते है, जब खाने को कुछ बचेगा नहीं तो पक्की छत लेकर करेंगे क्या. जैदपुर में आवारा जानवरों का मुद्दा बड़ा है, यहां पर गांव के लोग बहुत परेशान हैं.
छोटी-छोटी घटनाएं भी बन रहे हैं बड़े चुनावी मुद्दे
आजतक की टीम से दलित सीता देवी भी मिलीं. उनका कहना है, 'हमारी लड़की को सुसराल वालों ने मार डाला, तो हम मदद के लिए कई बीजेपी नेता और सांसद उपेंद्र रावत के पास गए, किसी ने भी हमारी मदद नही की, सिर्फ तनुज पुनिया हमारे साथ मुसीबत में खड़े रहे.' इसी तरह कई घटनाएं भी चुनावी मुद्दे बनती जा रही है.
सिद्धौर के ही शेखनटोला के रहने वाले मोहम्मद अजीज ने आजतक से कहा कि पीएल पुनिया जब सांसद थे तो उन्होंने कई पुल और सड़कें बनवाई, सपा के विधायक गौरव रावत ढाई साल से है, लेकिन कभी हमारे क्षेत्र में जीतने के बाद वापस नहीं आए, इस बार क्षेत्र की जनता मजहब-जाति के बंधन को तोड़कर वोट करेगी.
जैदपुर में बदलाव होगा?
जैदपुर विधानसभा सीट कुर्मी और यादव वोटर भी बड़ी संख्या में हैं. ननकू पुरवा, मोहनापुर, कटेशर में बड़ी संख्या में यादव जाति के लोग रहते हैं और झालिया, कुरदरी, नयापुरवा, अमहट समेत दर्जनों गांव में कुर्मी बिरादरी की अच्छी पकड़ है. आजतक की टीम से बात करते हुए लोगों ने कहा कि इस बार यहां बदलाव की बयार बह रही है.
आजतक से हरिताश यादव ने कहा कि हम बदलाव चाहते हैं. वहीं रानीपुरवा दीनपनाह के रहने वाले राजकुमार वर्मा कहते हैं कि हम लोग आवारा जानवर से परेशान हैं, भाजपा वाले पूछते नहीं है, सपा वाले आते नहीं है, इसलिए इस बार बदलाव चाहते है.
जैदपुर सीट पर 27 फरवरी को वोट पड़ना है, ऐसे में देखना होगा कि जैदपुर में बदलाव होता है या नहीं?