उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मिशन मूड में है. आगामी चुनाव को लेकर बीजेपी ने जमीनी स्तर संगठन पर काम करना शुरू कर दिया है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी चुनावी दृष्टि से यूपी में माइक्रो लेवल का मैनेजमेंट कर रही है.
प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जल्दी ही प्रभारियों की नियुक्ति होने जा रही है. राज्यसभा सांसदों, विधानपरिषद के सदस्यों, बोर्ड और कमिशन के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा सीटों का प्रभारी नियुक्त किया जाएगा.
राज्यसभा सांसदों और विधानपरिषद के वो सदस्य जो राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं और संगठन में बड़ी जिम्मेदारी निभा चुके हैं, उन्हें 2 विधानसभा से 4 विधानसभा सीटों का प्रभारी बनाया जा रहा है.
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इन प्रभारियों का काम होगा कि वो विधानसभा सीटों के संगठन के सभी काम और प्रदेश ऑफिस के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभालें. इन प्रभारियों का फीडबैक बहुत महत्वपूर्ण होगा.
सितंबर के अंत तक पार्टी के सभी संगठन के द्वारा विधानसभाओं में बूथ लेवल कमेटी और शक्ति केंद्र की जांच पूरी हो जाएगी. प्रदेश ऑफिस में बूथ और शक्ति केंद्र स्तर का डेटा चेक किया जाएगा कि गलत तो नहीं दिया गया है. इसके अलावा एक बूथ पर लगभग 30 से 35 तक पन्ना प्रमुख बनाए जा रहे हैं. 10 बूथ पर एक शक्ति केंद्र बनाया गया है.
सूत्रों की माने तों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर के अंत में या फिर अक्टूबर के पहले हफ्ते में उत्तर प्रदेश में किसी बड़ी पर परियोजना की शुरुआत कर सकते हैं.