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बीजेपी के 'साइलेंट वोटर' पर कांग्रेस की नजर, प्रियंका गांधी का महिलाओं को चुनाव लड़ने का ऑफर

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने का ऐलान करके बड़ा सियासी दांव चल दिया है. माना जा रहा है कि कांग्रेस की नजर पीएम मोदी के साइलेंट वोटर पर है, जिसे बीजेपी की जीत का ट्रंप कार्ड माना जाता है.

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस यूपी में 40% महिलाओं को देगी टिकट
  • बीजेपी की जीत में रही साइलेंट वोटर की भूमिका
  • यूपी में करीब 45 फीसदी महिला मतदाता

बिहार में पिछले साल एनडीए की सत्ता में वापसी का ट्रंप कार्ड साइलेंट वोटर साबित हुई थीं. पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार जीत का श्रेय बीजेपी के साइलेंट वोटरों को दिया था. पीएम ने खुद बताया था कि ये साइलेंट वोटर कोई और नहीं बल्कि महिलाएं हैं.

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बीजेपी के इस वोटबैंक' पर यूपी में कांग्रेस की नजर है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने का ऐलान करके बड़ा सियासी दांव चल दिया है. ऐसे में देखना है कि महिलाएं क्या सूबे में कांग्रेस पर अपना भरोसा जताती हैं? 

कांग्रेस का नया नारा, 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं'

कांग्रेस ने यूपी चुनाव के लिए 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा दिया है. प्रियंका गांधी ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस करके कहा कि यूपी में कांग्रेस 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देगी. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा बस चलता तो हम 50 फीसदी टिकट देते. कांग्रेस का यह निर्णय उस पारो के कहने पर जिसने संगम पर मेरा हाथ पकड़कर कहा मैं राजनीति में आना चाहती हूं. प्रियंका ने कहा कि यह निर्णय वैष्णवी, पारो, हाथरस की बेटी और प्रदेश की हर उस महिला के लिए है जो न्याय चाहती है और प्रदेश में बदलाव चाहती है. 

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महिलाओं को सियासत में आने का दिया ऑफर

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि महिलाएं ही माहौल को करुणा के साथ बदल सकती हैं. साथ ही प्रियंका गांधी ने महिलाओं से राजनीति में आने का खुला ऑफर दिया और कहा कि आए साथ हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलिए. हमारा फैसला यूपी की हर महिलाओं के लिए है. विकास की भागीदारी में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है. महिलाएं सेवा भाव से देश की तस्वीर बदल सकती हैं. ये फैसला सिर्फ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए है और किसी भी तरह की कोई सोच इस फैसले के पीछे नहीं है. 

बात दें कि उत्तर प्रदेश की सत्ता से 32 सालों से बाहर कांग्रेस को दोबारा से वापसी के लिए प्रियंका गांधी ने महिला वोटरों को साधने के बड़ा सियासी दांव चल दिया है. कांग्रेस 40 फीसदी टिकट देती है तो सूबे की 403 सीटों में से करीब 160 महिला कैंडिडेट मैदान में होंगी. यूपी की सियासत में महिला वोटर काफी अहम है, जिन्हें प्रियंका गांधी राजनीति में आने का ही नहीं बल्कि टिकट का खुला ऑफर देकर विपक्षी दलों के लिए चिंता बढ़ा दी है. 

यूपी में महिला वोटर सियासी तौर पर अहम

उत्तर प्रदेश की सियासत में महिला वोटर निर्णायक भूमिका में हैं. यूपी में कुल 14.40 करोड़ मतदाता हैं. इसमें 7.79 करोड़ पुरुष और 6.61 करोड़ महिलाएं हैं. एक तरह से 45 फीसदी महिला फीसदी वोटर हैं. कांग्रेस ने 2022 की जंग फतह करने के लिए किसानों के साथ-साथ महिलाओं को जोड़ने की रणनीति बनाई है. हालांकि, बीजेपी भी महिला वोटों को साधने के लिए तमाम जतन कर रही है. 

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सूबे में कांग्रेस के लिए सियासी जमीन तलाश रही प्रियंका गांधी ने लखीमपुर खीरी मामले पर मोर्चा खोलकर पार्टी में नई जान तो डाल दी है, लेकिन अब चुनावी जंग जीतने के लिए मोदी के साइलेंट वोटरों तक पहुंचने का प्लान बनाया है. मोदी के केंद्र की राजनीति में आने के बाद से बीजेपी संगठन से लेकर सत्ता तक महिला सशक्तिकरण और सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित रही है.

बीजेपी का कोर वोटबैंक महिलाएं

केंद्र की मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना, शौचालयों का निर्माण, पक्का घर, मुफ्त राशन, महिलाओं को आर्थिक मदद जैसी कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनका सीधा लाभ महिलाओं को  होता है. मुद्रा योजना के तहत सर्वाधिक जोर अनुसूचित समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर है. महिलाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कई योजनाओं पर विश्वास 2019 के लोकसभा चुनाव में भी दिखा है. ऐसे ही पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत में भी महिला वोटरों की अहम भूमिका रही है. 

साइलेंट वोटर की सियासी ताकत को देखते हुए बीजेपी यूपी में भी महिलाओं को साधे रखने के लिए तमाम कोशिशें शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक कर रही हैं. बीजेपी ने हर विधानसभा में 500 महिलाओं का एक क्लब बनाया जाएगा जिसके कमल सहेल क्लब का नाम दिया गया है. 'कमल सहेली क्लब' शहरी महिलाओं के लिए तो ग्रामीण महिलाओं के लिए पार्टी ने 'ग्राम सभा चौपाल' और 'महिला चौपाल' नाम दिया है. 

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ऐसे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 40 फीसदी महिलाओं को टिकट का दांव चल कर बीजेपी और सपा के लिए चिंता बढ़ा दी है. बीजेपी और सपा पर भी महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट देने की दबाव बढ़ गया है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी और सपा कांग्रेस के इस चाल के जवाब में क्या दांव चलती है? 

 

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