उत्तर प्रदेश में कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी विधानससभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. यूपी की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार अपनी साढ़े चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां लोगों के बीच लेकर जा रही है. वहीं, पार्टी का अभियान काफी हद तक मंडल और कमंडल पर भी निर्भर नजर आ रहा है.
बीजेपी 2022 के विधानसभा चुनाव में हर वर्ग के वोटर को साधने की कोशिश में लगी हुई है. पार्टी मिशन 2022 को पूरा करने के लिए मंडल और कमंडल को साधने की कोशिश में जुट गई है. कमंडल को साधने के लिए प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों के आयोजन हो रहे हैं तो वहीं मंडल के लिए पिछड़ा वर्ग सम्मेलन. बीजेपी मिशन 2022 को पूरा करने के लिए हर मोर्चे पर वोट बैंक की नाकेबंदी कर रही है ताकि किसी भी वर्ग का वोट विरोधियों के खेमे में न पहुंच सके.
अयोध्या में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक
समाजवादी पार्टी (सपा) और अन्य विपक्षी दल जिस यादव और पिछड़ा वर्ग के वोट के सहारे ताल ठोक रहे हैं, बीजेपी ने उसी पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को लेकर अयोध्या में दो दिन तक प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की. इस बैठक में आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि पार्टी के सबका साथ सबका विकास नारे का मूल्य ही है कि सभी वर्गों का विकास बिना किसी भेदभाव के होना चाहिए. पिछड़ा वर्ग की ताकत को मजबूत करने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछड़ा वर्ग आयोग को मान्यता दी है.
इस मौके पर सीएम योगी ने कश्यप, जायसवाल, लोनिया समेत पिछड़ी जातियों के लगभग हर वर्ग की भलाई के लिए सरकार की ओर से किए गए कार्य गिनाए. उन्होंने राजा सुहेलदेव की भी तारीफ की और उन्हें विदेशी आक्रांताओं से लोहा लेने वाला और हिंदू संस्कृति को बचाने वाला राजा बताया. सीएम योगी ने सपा पर भी हमला बोला.
नाम लिए बगैर सपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में नौकरी निकलती थी तो एक खानदान वसूली के लिए निकल पड़ता था लेकिन अब नौजवान बिना किसी भेदभाव के नौकरी पा रहा है. पहले व्यवस्था के नाम पर दुर्गा जुलूस हो या कावड़ यात्रा, रोक लगा दी जाती थी. आज कोई इसे रोकने की हिम्मत नहीं कर पाएगा और कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा कराई जा रही है.