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मायावती का भागवत से सवाल- सभी के पूर्वज एक तो मुसलमानों से सौतेला व्यवहार क्यों?

मोहन भागवत ने सोमवार को पुण के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बार फिर कहा कि भारत के हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही थे और हर भारतीय नागरिक हिंदू हैं.

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बसपा प्रमुख मायावती और संघ प्रमुख मोहन भागवत
बसपा प्रमुख मायावती और संघ प्रमुख मोहन भागवत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मायावती ने ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित किया
  • संघ प्रमुख के बयान पर मायावती ने उठाया सवाल
  • मायावती पहले भी संघ प्रमुख पर साधा था निशाना

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा प्रमुख मायावती मंगलवार को प्रबुद्ध सम्मेलन के जरिए ब्राह्मण समुदाय के साथ-साथ मुसलमानों को भी साधने की कवायद करती नजर आईं. इस दौरान मायावती ने ब्राह्मण समाज को सुरक्षा, सम्मान और तरक्की का वादा किया तो मुसलमानों को सपा और कांग्रेस से होशियार रहने के लिए भी कहा. साथ ही मायावती ने आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदू और मुसलमानों के पूर्वज एक हैं, तो फिर बीजेपी मुसलमानों के साथ क्यों सौतेला रवैया अपनाती है. 

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बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को पुण के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बार फिर कहा कि भारत के हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही थे और हर भारतीय नागरिक हिंदू हैं. उन्होंने कहा है कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय को किसी चीज से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हिंदू समाज किसी से दुश्मनी नहीं रखते हैं. भारत के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए.

संघ प्रमुख ने इससे पहले भी राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यक्रम में कहा था कि भारत में सभी धर्मों के लोगों का डीएनए एक ही है. 

मायावती ने बयान पर खड़े किए सवाल

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को लेकर मायावती ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि मैं आरएसएस से एक बात पूछना चाहती हूं कि भारत के हिंदू और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं तो बीजेपी और आरएसएस वाले मुसलमानों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों करते हैं. इससे पहले भी मायावती ने भागवत के हिंदू-मुस्लिम के एक डीएनए वाले बयान पर आरएसएस की कड़ी आलोचना की थी. 

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बसपा प्रमुख ने कहा था कि संघ प्रमुख का बयान 'मुंह में राम, बगल में छुरी' की तरह है. मोहन भागवत देश की राजनीति को विभाजनकारी बताकर कोस रहे हैं, वह ठीक नहीं है. उन्होंने कहा था कि सच्चाई तो यह है कि जिस भाजपा और उसकी सरकारों को वह आंख बंद करके समर्थन देते चले आ रहे हैं, उसी का नतीजा है कि जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा का जहर समाज में घुल रहा है.

ब्राह्मण सम्मलेन के समापन के दौरान मायावती ने सत्ताधारी दल बीजेपी पर निशाना साधते हुए ब्राह्मण वर्ग से बीएसपी के साथ आने का आह्वान किया.
 

प्रबुद्ध वर्ग की मदद से पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी. सरकार बनने पर 2007 की तरह ही ब्राह्मण समाज की सुरक्षा, सम्मान और तरक्की का ध्यान रखा जाएगा. हमारी सरकार बैगेर किसी भेदभाव के काम करती है. ब्राह्मण और मुस्लिम समुदाय का हमारी सरकार में पूरा ख्याल रखा जाएगा. 

 

 

मायावती, बसपा प्रमुख



मायावती ने कहा कि हमको तो दलित वर्ग के लोगों पर शुरू से गर्व रहा है कि उन्होंने बिना गुमराह और बहकावे में आए कठिन से कठिन दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा. यह लोग मज़बूत चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहे हैं. उम्मीद है कि बहुजन समाज पार्टी से जुड़े अन्य सभी वर्गों के लोग इनकी तरह आगे कभी गुमराह नहीं होंगे. ऐसे में 2007 की तरह ही 2022 में सरकार बनाएंगे और सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के सिद्धांत पर चलते हुए सभी समाज के लिए हितों को देखते हुए काम करेंगे. 

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