उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती अब विपक्षियों पर हावी होती जा रही हैं. रविवार को बसपा सुप्रीमो ने केंद्र की बीजेपी सरकार को जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस के मुद्दे को लेकर घेरा. उन्होंने कहा कि पेगासस जासूसी कांड का भूत केंद्र सरकार की नींद लगातार उड़ाए हुए है. इस अति-गंभीर मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं, फिर भी देश और जनता के प्रति जवाबदेह होकर विश्वसनीय जवाब देने के बजाय सरकार की चुप्पी और भी नए सवाल खड़े करती है.
यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, केंद्र सरकार इस संबंध में खुलासा करे. साथ ही, पेगासस के नए तथ्यों पर पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय मंत्री की 'सुपारी मीडिया' जैसी टिप्पणी अति-अशोभनीय है, जो सरकार की संकीर्ण सोच को प्रमाणित करती है. पेगासस मामले में भारत का नाम मैक्सिको, पोलैण्ड, हंगरी आदि देशों के शासकों की श्रेणी में आना भी कम चिंता की बात नहीं.
बता दें कि न्यूयॉर्क टाइम्स' की खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सड़क परिवहन, राजमार्ग और नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘क्या आप एनवाईटी पर भरोसा कर सकते हैं? उसे ‘सुपारी मीडिया' के रूप में जाना जाता है.''
दरअसल, न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Pegasus-Spyware को भारत सरकार को भी हथियारों की डील के जरिए बेचा गया था. इसके बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोल रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में भी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से ये जिक्र है कि भारत सरकार ने 2017 में जब इजराइल से दो अरब डॉलर का सौदा कर मिसाइलें खरीदी थीं, तो उसी के साथ पेगासस स्पाई वेयर भी खरीदा था. हालांकि, केंद्र सरकार ने इस दावे और सवाल को संसद और सुप्रीम कोर्ट में सिरे से खारिज कर दिया था.
क्या है पेगासस?
पेगासस एक तरह का स्पाईवेयर है. स्पाईवेयर यानी जासूसी सॉफ्टवेयर. इसे आपके डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप में बिना आपकी जानकारी के इंस्टॉल कर दिया जाता है. जो आपके डिवाइस से आपके पर्सनल डेटा को चुराता रहता है. Pegasus Spyware को इजरायली कंपनी NSO Group ने तैयार किया है.