
UP Election 2022: चुनावों में हर प्रत्याशी प्रचार के अलग-अलग तरीकों से आम जनता से जुड़ने की कोशिश करता है. जिसका तरीका जितना अलग होता है, जनता के दिल में उतरना उतना ही आसान हो जाता है. यूपी विधानसभा चुनाव में गाजीपुर की जमानियां सीट पर ऐसे दो प्रत्याशी हैं जो अपने अनोखे तरीके से जनता के बीच जगह बना रहे हैं.
जनता को साधने के लिए झोपड़ी में ही बना लिया कार्यालय
कांग्रेस प्रत्याशी फातिमा शमशाद का चुनावी कार्यालय इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है. जहां सभी दलों के प्रत्याशी घरों या पार्टी कार्यालय से अपना प्रचार अभियान चला रहे हैं, वहीं फातिमा ने अपना कार्यालय मड़ई यानी झोपड़ी में बनाया है. पिछले 25 दिनों से फातिमा इसी झोपड़ी में अपने चुनावी कार्यालय को चला रही हैं.
फातिमा की सारी बैठकें इसी जगह हो रही हैं. उनका कहना है कि आम जनता जब झोपड़ी में रहती है, तो हमें भी उनका दर्द समझना चाहिए, इसलिए मैंने ऐसा किया है. हालांकि उनका कहना है कि यहां तपती धूप में चुनाव प्रचार की रणनीति बनाना काफी मुश्किल है, लेकिन मुश्किल राह चुनेंगे, तभी जनता को यह अहसास करा पाएंगे कि प्रत्याशी और उनके बीच समानता है.
'1 रुपये की मदद करो, जिंदगी भर साथ निभाऊंगा'
वहीं जमानियां विधानसभा में एक और प्रत्याशी भी हैं जो इन चुनावों में जनता से जुड़ने के लिए जनता से ही 1 रुपये का चंदा मांग रहे हैं और बदले में चुनाव के बाद उनका अहसान उतारने का वादा भी कर रहे हैं. अखंड प्रताप सिंह जब चुनाव में उतरे तो इनके पास पैसे नहीं थे, ऐसे में इन्होंने आम लोगों की मदद लेने का फैसला किया. अखंड प्रताप सिंह ने लोगों से चंदे के तौर पर मात्र 1 रुपया देने की अपील की है. साथ ही, 1 रुपये देने का स्क्रीन शॉट उनको व्हाट्सएप पर भेजने को भी कहा है, ताकि उनके जहन में ये बात रहे कि आखिर किस किसने उनको चंदा दिया.
अखंड प्रताप कहते हैं कि इलेक्शन के बाद, जितने लोगों ने चंदा दिया है उन सबका अहसान उतारूंगा. अखंड प्रताप 10 फरवरी से चुनावी प्रचार कर रहे हैं और इन्हें अभी तक 3883 रुपये मिले हैं, यानी 3883 लोगो ने इनको ये चंदा दिया है. अखंड प्रताप कहते हैं कि मैं यह मानता हूं कि जो आपको एक रुपया दे सकता है, वो आपको अपना वोट भी दे सकता है.