
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्म भूमि गोरखपुर का चौरी चौरा कस्बा स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चौरी चौरा कांड के लिए इतिहास में दर्ज है. चौरी चौरा में शहीद स्मारक भी है. चौरी चौरा तहसील है और यहां 4 फरवरी 1922 को क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासनकाल के दौरान पुलिस चौकी को आग लगा दी थी. इस घटना में 22 पुलिसकर्मी जिंदा जल गए थे. इस घटना को चौरी चौरा कांड के नाम से जाना जाता है. चौरी चौरा कांड के अभियुक्तों का मुकदमा पंडित मदन मोहन मालवीय ने लड़ा था और उन्हें बचाया भी.
गोरखपुर हवाई अड्डे पर पहुंचकर वहां से सड़क मार्ग से भी चौरी चौरा जाया जा सकता है. चौरी चौरा रेल मार्ग से भी जुड़ा हुआ है. गोरखपुर से देवरिया जाने वाली लगभग हर ट्रेन चौरी चौरा रेलवे स्टेशन पर रुकती है. सड़क मार्ग की बात करें तो गोरखपुर और देवरिया से चौरी चौरा के लिए बस और टैक्सी रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध रहती है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
326, चौरी चौरा विधानसभा सीट 2012 में अस्तित्व में आई. इससे पहले इस सीट का नाम मुंडेरा बाजार था. आजादी के बाद से 2012 तक ये सीट आरक्षित थी. चौरी चौरा विधानसभा सीट पर हुए पहले विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के उम्मीदवार जयप्रकाश को जीत मिली जबकि दूसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी अनूप पांडे को हराया था. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विनय कुमार सिंह तीसरे स्थान पर थे. साल 2017 में पासा पलट गया और यह क्रम नीचे से ऊपर चला गया. 2017 में इस सीट से बीजेपी को जीत मिली. सपा दूसरे और बीएसपी तीसरे स्थान पर रही.
2017 का जनादेश
चौरी-चौरा विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस सीट से संगीता यादव को चुनाव मैदान में उतारा. बीजेपी की उम्मीदवार संगीता यादव ने 2017 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार मनुरोजन यादव को 45,660 वोट के बड़े अंतर से मात दी. बीजेपी की संगीता यादव को 87863 वोट मिले जो यहां का रिकॉर्ड है.
सामाजिक ताना-बाना
चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र में हर जाति वर्ग की अच्छी आबादी है. चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा तादाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाताओं की है. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वोटर भी चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की तादाद करीब 3 लाख 40 हजार है.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
चौरी चौरा विधानसभा सीट से विधायक संगीता यादव का जन्म 20 जुलाई 1981 को बोरीवली मुंबई में हुआ था. सन 2004 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से एलएलबी तक की शिक्षा पूरी करने के बाद संगीता की शादी 27 फरवरी 2009 को अजय कुमार के साथ हुई. इनका एक बेटा भी है. विधायक संगीता यादव संगीत में भी रुचि रखती हैं. संगीता को बीजेपी ने महिला मोर्चा में राष्ट्रीय मंत्री भी बनाया है. साफ सुथरी छवि की संगीता यादव परिवहन व्यवसाय से भी जुड़ी हैं.