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UP Election: सीएम योगी को काले झंडे दिखाने वाली पूजा शुक्ला को सपा ने दिया टिकट

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ उत्तरी सीट पर पूजा शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है. पूजा शुक्ला ने 2017 में लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ को लखनऊ विश्वविद्यालय जाते समय काला झंडा दिखाया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके लिए पूजा शुक्ला और उनके साथी छात्रों की 26 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था.

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पूजा शुक्ला और अखिलेश यादव
पूजा शुक्ला और अखिलेश यादव
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा का सपा ने टिकट काटा
  • सपा के लखनऊ की 6 सीटों पर प्रत्याशी घोषित
  • पूजा शुक्ला को 26 दिनों तक रहना पड़ा जेल में

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडे दिखाने वाली पूजा शुक्ला को सपा ने लखनऊ उत्तरी सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस सीट से ब्राह्मणों झंडा उठाने वाले अभिषेक मिश्रा का टिकट काटकर पूजा शुक्ला पर भरोसा जताया है. इस सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है, लेकिन यहां के राजनीतिक समीकरण को देखते हुए मुकाबला काफी रोचक हो सकता है. 

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लखनऊ विश्वविद्यालय में वामपंथी संगठन आइसा से छात्र नेता के तौर पर सियासी सफर की शुरुआत करने वाली पूजा शुक्ला को सपा ने लखनऊ के उत्तरी सीट से प्रत्याशी बनाया है. पूजा शुक्ला ने साल 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के लखनऊ विश्वविद्यालय जाते समय काला झंडा दिखाया था, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. 26 दिनों तक पूजा शुक्ला को जेल में रहना पड़ा था. 

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण करने जा रहे थे. ऐसे में थाना हसनगंज लखनऊ विश्वविद्यालय से पहले हनुमान सेतु मंदिर के पास सपा के छात्रसभा की नेता पूजा शुक्ला ने छात्र नेताओं के साथ मिलकर काले झंडे दिखाए थे. इस दौरान पुलिस ने 12 छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और उन्हें लंबे संघर्ष के बाद जमानत मिली थी. 

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पूजा शुक्ला को झंडा दिखाना उस समय काफी महंगा पड़ गया था. पूजा शुक्ला को लखनऊ यूनिवर्सिटी नए सत्र शुरू होने के दौरान उनके आवेदन को कैंसिल कर दिया था. उन्हें प्रवेश नहीं मिला. इसे लेकर पूजा शुक्ला ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में करीब दो महीने तक हड़ताल पर बैठी रहीं थी. वो समाजवादी छात्र सभा की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

सरकार की नीतियों के लेकर पूजा शुक्ला आंदोलन करती रहती हैं और प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस की लाठीचार्ज में चोच भी आई है. इसी का नतीजा है कि अखिलेश यादव ने ब्राह्मणों का झंडा बुलंद करने वाले और लखनऊ उत्तर सीट से विधायक रहे अभिषेक मिश्रा का टिकट काटकर योगी के खिलाफ काला झंडा दिखाने वाले पूजा शुक्ला को टिकट दिया गया है. 

साल 2012 में अभिषेक मिश्रा ने लखनऊ उत्तर विधानसभा का चुनाव जीता था. ब्राह्मण वोटों को साधकर अभिषेक ने कांग्रेस प्रत्याशी नीरज बोरा को मात तो दे दी थी. इसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल किया था. पांच साल के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में नीरज बोरा ने बीजेपी का दामन थाम लिया और सपा के अभिषेक मिश्रा को मात दिया. 

उत्तर विधानसभा सीट पर जीत का सेहरा उसी के सिर पर बंध सकता है, जिसके पक्ष में ब्राह्मण, मुस्लिम और पिछड़ी जाति के वोटर जुटते हैं.  बीजेपी विधायक नीरज बोरा की जीत में ब्राह्मण वोटों की अहम भूमिका रहती है. वहीं, पूजा शुक्ला की पैठ जाति के लिहाज से पिछड़ी जाति के मतदाताओं के बीच तो कुछ खास नहीं है, लेकिन युवाओं के बीच में उनका काफी क्रेज है. 

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लखनऊ उत्तरी विधानसभा सीट के तहत राजधानी के अलीगंज, कपूरथला, फैजुल्लागंज, केशव नगर, कुर्सी रोड के अलावा पुराने लखनऊ का भी थोड़ा हिस्सा आता है. विकास नगर, भरत नगर जैसे इलाके भी लखनऊ उत्तर विधानसभा सीट का हिस्सा है. ऐसे में विश्वविद्यालय का इलाका भी इसी विधानसभा सीट में आता है. ऐसे में देखना है कि उत्तरी सीट पर सपा और बीजेपी के बीच किसे जीत नसीब होती है. 

 

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