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यूपी चुनाव से पहले अपर मुख्य सचिव गृह को हटाया जाए, चुनाव आयोग से कांग्रेस ने की मांग

केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम (Central Election Commission) तीन दिवसीय दौरे पर राजधानी लखनऊ (Lucknow) पहुंची तो आयोग ने सबसे पहले मुलाकात का सिलसिला प्रदेश के राजनीतिक दलों से शुरू किया. योजना भवन में सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ कांग्रेस, सपा, बसपा, आरएलडी के प्रतिनिधि मंडल ने भी आयोग से मुलाकात की. सभी दलों ने समय से चुनाव कराने, लेकिन कोविड के नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है.

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मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने लखनऊ पहुंचे.   (Photo: PTI)
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने लखनऊ पहुंचे. (Photo: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम तीन दिवसीय दौर पर पहुंची लखनऊ
  • बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बसपा व आरएलडी नेताओं ने की मुलाकात

केंद्रीय चुनाव आयोग (Central Election Commission) की टीम तीन दिवसीय दौरे पर राजधानी लखनऊ (Lucknow) पहुंची तो आयोग ने सबसे पहले मुलाकात का सिलसिला प्रदेश के राजनीतिक दलों से शुरू किया. योजना भवन में सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ कांग्रेस, सपा, बसपा, आरएलडी के प्रतिनिधिमंडल ने भी आयोग से मुलाकात की. सभी दलों ने समय से चुनाव कराने, लेकिन कोविड के नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है.

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मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा (Chief Election Commissioner Sushil Chandra), चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, अनूप चंद्र पांडे के साथ केंद्रीय चुनाव आयोग मंगलवार शाम लखनऊ (Lucknow) पहुंचा. लखनऊ के योजना भवन में चुनाव आयोग ने अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत राजनीतिक दलों से मुलाकात के साथ की. सबसे पहले मुलाकात बीएसपी के प्रतिनिधिमंडल ने की. 

BSP ने चुनाव आयोग से की मांग, समय से हो चुनाव

बीएसपी ने चुनाव आयोग से लिखित तौर पर 7 बिंदु का अपना पत्र दिया. बसपा नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता को सख्ती से लागू कराने के लिए ठोस कार्यवाई की जाए. कोरोना के संकट काल में भी जिस तरह से रैली और रोड शो के जरिए चुनाव आचार संहिता उल्लंघन किया गया, उससे पूरा देश स्तब्ध रह गया. चुनाव को धार्मिक रंग देकर संकीर्ण स्वार्थ की राजनीति की जा रही है. उस पर चुनाव आयोग सख्त कानूनी रवैया अपनाएं. सरकारी मशीनरी में चुनाव आयोग का कानूनी खौफ कायम रहे, तभी चुनाव सही से हो पाएंगे.

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बसपा ने मांग करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में चुनाव के दौरान हर प्रकार की धांधली व अनियमताएं हुईं. सत्ता व धर्म का चुनावी स्वार्थ के लिए अनुचित इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति बढ़ी है, उस पर निर्वाचन आयोग विचार करे.

भाजपा ने कहा: महिला वोटर के सत्यापन की हो व्यवस्था

बीएसपी के बाद सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी ने आयोग से मुलाकात कर तीन सुझाव भी दिए. बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करते हुए एमएलसी एके शर्मा ने कहा कि चुनाव में महिला मतदाताओं की सुरक्षा, पहचान और सत्यापन की व्यवस्था हर बूथ पर हो. इसके लिए हर पोलिंग स्टेशन पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए. कोविड की संभावित लहर को देखते हुए भीड़ भाड़ वाले पोलिंग स्टेशन और बूथों की पुनः समीक्षा कर ली जाए, ताकि चुनाव के वक्त कोई मुश्किल न आए.

'एक परिवार के लोग अलग अलग पोलिंग पर न डालें वोट'

बीजेपी ने मांग की है कि एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों को अलग-अलग पोलिंग स्टेशनों पर जाना पड़ता है. चुनाव आयोग इस बात को सुनिश्चित करें कि एक परिवार के लोग एक ही बूथ या एक ही पोलिंग स्टेशन पर वोट डालें. दूसरी तरफ आयोग से मिलने पहुंचे सीपीआईएम और आरएलडी के प्रतिनिधिमंडल ने भी निष्पक्ष चुनाव कराने के साथ-साथ सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर रोक लगाने पर जोर दिया.

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कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने रखी ये मांग

कांग्रेस की तरफ से 3 सदस्य प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को हटाने की मांग कर दी है. चुनाव आयोग को दिए अपने ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने साफ लिखा सरकार से प्रभावित अधिकारियों को चुनाव से अलग रखा जाए. चुनाव तक प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को चुनावी व्यवस्था से एकदम अलग रखा जाए. कांग्रेस पार्टी ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के सोशल मीडिया पर किए गए ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए शिकायत की है कि अवनीश अवस्थी केंद्रीय मंत्रियों के ट्वीट को ट्वीट करके सरकारी पद का दुरुपयोग कर रहे हैं.

कांग्रेस ने कहा: पक्षपाती अफसरों पर दिया जाए ध्यान

कांग्रेस ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर ट्वीट अवनीश अवस्थी ने किए और साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं पर भी ट्वीट करके सरकार का लगातार महिमामंडन करते रहे हैं. इसलिए चुनाव आयोग सुनिश्चित करे कि चुनाव में जितने भी प्रदेश के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी चुनाव के काम में लगे हैं, उनको वह कोई आदेश न दे सकें. बेहतर होगा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व स्थानांतरण कर दिया जाए.

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सपा ने थमाई 25000 अतिसंवेदनशील बूथ की सूची

चुनाव आयोग से सबसे बाद में मुलाकात समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने की. समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की अगुवाई में गए प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग वोटर व दिव्यांग वोटरों जिनके लगभग संख्या 40 लाख है, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए. 25000 अतिसंवेदनशील बूथ की सूची उपलब्ध कराई जाए. एक वोटर का कई जगह पर नाम है. ऐसे हर विधानसभा में 10 से 15000 वोटर हैं. ऐसे फर्जी वोटरों को दूर किया जाए. लिस्ट का सत्यापन करवाया जाए. आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो. सरकारी धन का पार्टी के प्रचार और कार्यक्रम में दुरुपयोग बंद हो.

सपा ने कहा: अफसरों पर नजर रखे आयोग

सपा ने आयोग से गाजीपुर के एसडीएम जमानिया का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी अफसरों को धमका रहे हैं. ऐसे अफसरों पर जिलों से मिली शिकायत के आधार पर आयोग नजर रखे, तबादला करें. वही सपा ने कहा कि बीजेपी के कई संवैधानिक पदों पर बैठे नेता उत्तर प्रदेश में आकर जहरीली भाषा बोल रहे हैं, इससे माहौल खराब हो रहा है. चुनाव समय से हो, लेकिन कोविड के नियमों का सभी दलों पर कड़ाई से पालन भी करवाया जाए.

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'बिना जांच के सपा कनेक्शन बताकर कर रहे बदनाम'

कानपुर के व्यापारी पीयूष जैन का सपा कनेक्शन बताए जाने की भी समाजवादी पार्टी ने आयोग से शिकायत की है कि बिना जांच के ही सपा का कनेक्शन बताकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. राजनीतिक दलों से मुलाकात के बाद चुनाव आयोग ने केंद्रीय सुरक्षा बल व केंद्रीय जांच एजेंसियों इनकम टैक्स, ईडी, डीजीजीआई, डीआरआई, एसएसबी सीआईएसएफ के अफसरों से भी मुलाकात कर उनका फीडबैक लिया. बुधवार को आयोग उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के डीएम एसपी कमिश्नर आईजी एडीजी से दिनभर बैठक कर निर्देश देगा फीडबैक लेगा.

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