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उत्तर प्रदेश में अपने खोए जनाधार को वापस लाने में जुटी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट से बुंदेलखंड की जनता का दिल जीतने और सियासी संदेश देने की कोशिश करेंगी. प्रियंका इस दौरान स्वामी मत्स्यगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगी तो मंदाकिनी नदी के किनारे नाव पर सवार होकर महिलाओं के साथ संवाद करेंगी.
प्रिंयका गांधी बुधवार को प्रयागराज के जरिए सड़क मार्ग से बुधवार को दोपहर धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचेंगी. इस दौरान प्रियंका पहले भगवान मत्स्यगजेंद्र नाथ स्वामी का जलाभिषेक करेंगी और फिर मंदाकिनी नदी के घाट पर 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' संवाद कार्यक्रम में महिलाओं के साथ बातचीत करेंगी. इतना ही नहीं, महिलाओं से संवाद के बाद प्रियंका गांधी भगवान कामदनाथ मंदिर जाकर पूजन अर्चना करेंगी.
कांग्रेस महासचिव चित्रकूट के जरिए सिर्फ बुंदेलखंड ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश को सियासी संदेश देती नजर आएंगी. इसी के मद्देनजर प्रियंका गांधी के संवाद कार्यक्रम का मंच मंदाकिनी नदी के घाट के किनारे बनाया गया है, जहां नाव पर सवार होकर वो महिलाओं से बातचीत करेंगी. इस तरह प्रियंका इस अभियान के जरिए महिलाओं को साथ जोड़ने की कवायद करेंगी तो दूसरी तरफ बीजेपी के हार्ड हिदुत्व के जवाब में सॉफ्ट हिंदुत्व का सियासी संदेश देती नजर आएंगी.
यूपी की सियासी जंग जीतने के लिए कांग्रेस की नजर महिला वोटबैंक पर है, जिन्हें साधने के लिए प्रियंका गांधी एक के बाद एक लोकलुभाने ऐलान कर रही हैं. कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने का ऐलान करने के साथ ही कांग्रेस ने सरकार बनने पर लड़कियों को स्कूटी और स्मार्टफोन देने का वादा किया है. सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और नये सरकारी पदों में आरक्षण प्रावधानों के तहत 40 फीसदी नियुक्ति देना का वादा कर रखा है.
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व का ऐसा सियासी एजेंडा सेट किया है जिसकी विपक्षी दलों के पास न तो कोई काट दिख रही है और न रणनीति. बीजेपी के हिंदुत्व के हथियार की धार को कुंद करने के लिए कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व का सहारा लेते दिखाई दे रही है. इसी मद्देनजर प्रियंका गांधी सूबे में इन दिनों महिलाओं के साथ-साथ बहुसंख्यक वोटबैंक को भी जोड़ने की कवायद कर रही हैं.
प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में में कदम रखने के साथ ही हिंदुत्व के रंग में रंगी नजर आ रही हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी प्रियंका कई मंदिरों में पूजन-अर्चन करती नजर आईं थी. प्रयागराज में माघ मेले के दौरान उन्होंने त्रिवेणी में स्नान किया था. मिर्जापुर और सहारनपुर में माता के मंदिर में माथा टेकते, मथुरा में बांके बिहारी मंदिर की पूजा अर्चना करते उन्हें सबने देखा है.
वहीं, कांग्रेस महासचिव पिछले दिनों वाराणसी में मिशन-2022 का आगाज किया. एयरपोर्ट से उतरकर सीधे प्रियंका काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन किया. उन्होंने दुर्गाकुंड स्थित कुष्मांडा देवी के मंदिर में भी जाकर आराधना की.
प्रियंका गांधी माथे पर त्रिपुंड, कलाई में तुलसी की माला, रुद्राक्ष और मौली (लाल रंग का रक्षासूत्र) बांधे हाथों में तलवार लिए काशी की रैली में नजर आईं थी. इतना ही नहीं प्रियंका गांधी ने लोगों को बताया कि वो नवरात्र का व्रत रखे हुए हैं. अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने देवी मां की स्तुति से करते हुए 'जय माता दी' का जयकारा भी लगाया था. अब धर्मनगरी चित्रकूट में प्रियंका गांधी हिंदुत्व के रंग रची नजर आएंगी. ऐसे में देखना है कि प्रियंका की यह कवायद कांग्रेस के लिए सूबे् में कितना सफल रहती है.
प्रियंका गांधी के संवाद कार्यक्रम से एक दिन पहले ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस के यूपी चुनाव आब्जर्वर व छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी चित्रकूट पहुंच गए हैं. बुंदलेखंड में कांग्रेस के पास एक भी विधायक नहीं है. ऐसे में कांग्रेस के लिए बुदंलेखंड की सूखी पड़ी सियासी जमीन पर प्रियंका गांधी के चुनावी फसल काट पाएंगी?