उत्तर प्रदेश में अगले साल शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. सूबे की सियासत में तीन दशक से वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस में जान फूंकने की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी के कंधों पर है.
बीजेपी के फॉर्मूले पर चलते हुए प्रियंका गांधी भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी हैं. हाल में पंचायत चुनाव में मिली निराशा के बावजूद प्रियंका ने 'बूथ' स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए 'बूथ मैनेजमेंट' बनाने में जुटी हैं.
कांग्रेस का बूथ मैनेजमेंट पर जोर
यूपी में कांग्रेस पहली बार बीजेपी की तर्ज पर 'बूथ' स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम कर रही है. इसके तहत बूथ कमेटी बनाने के लिए कांग्रेस सूबे के हर जोन में ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर रही है. कांग्रेस ने यूपी को अपने संगठन के आधार पर आठ जोन में बांट रखा है. कांग्रेस संगठन में जान फूंकने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को गाजियाबाद में चल रहे ट्रेनिंग कैंप में पदाधिकारियों से वर्चुअली अपना एजेंडा साझा किया.
प्रियंका गांधी ने पश्चिम यूपी जोन के ब्लाक अध्यक्ष से कहा एक-एक बूथ जीतकर ही उत्तर प्रदेश का चुनाव जीता जा सकता है. कार्यकर्ता संगठित और मजबूत होकर चुनाव की तैयारी करें. सबसे अहम काम है कि जल्द से जल्द बूथ कमेटी का गठन किया जाए. प्रियंका ने साफ तौर पर कहा कि चुनाव में कार्यकर्ताओं को प्रमुखता मिलेगी और टिकट बंटवारे में उनकी राय ली जाएगी.
12 जिलों के पदाधिकारी हुए शामिल
मेरठ-सहारनपुर मंडल समेत वेस्ट यूपी के 12 जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर गाजियाबाद के जेकेजी स्कूल में मंगलवार से प्रारंभ हुआ है. इसमें 12 जिलों के ब्लॉक अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष हिस्सा लिया. प्रियंका गांधी ने शिविर को वर्चुअल संबोधित करते हुए बीजेपी के तर्ज पर 'बूथ मैनेजमेंट' बनाने पर जोर दिया. कांग्रेस का यह कैंप यूपी में अभी तक 6 जोन में हो चुके हैं और 7वां प्रशिक्षण शिविर पश्चिम जोन की गाजियाबाद में रही है. इसके बाद आखिरी बैठक बरेली में होनी हैं.
कांग्रेस का संगठन ब्लाक स्तर पर तैयार
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पहली बार यूपी की सभी 75 जिलों के 831 ब्लाकों में संगठन बना लिया गया है. ऐसे ही पहली बार कांग्रेस खुद को उत्तर प्रदेश में न्याय पंचायत स्तर पर खड़ा कर रही, जिसके तहत आगरा और कानपुर देहात छोड़कर बाकी सभी जिलो में न्याय पंचायत स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने खुद संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत स्तर की बैठकों में शामिल होकर पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं.
कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है
दरअसल, उत्तर प्रदेश में अब तक हुए 47 चुनावों में कांग्रेस ने 21 बार सरकार बनाई मगर सन् 1989 से कांग्रेस की ज़मीन वहां सूख सी गई और नारायण दत्त तिवारी के बाद से अब तक कांग्रेस सत्ता पे काबिज नहीं हो सकी. प्रियंका गांधी उसी खोई हुई ज़मीन को वापस हासिल करने की कोशिशों में जुटी हैं.
सूबे में सियासी जमीन तलाश रही कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव का रोडमैप बनाना शुरू कर दिया है. सूबे में जोनवार ब्लॉक अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि कांग्रेसी किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएं,. सबसे ज्यादा जोर सोशल मीडिया पर है. सभी कांग्रेसियों को अपने-अपने अकाउंट बनाकर रोजाना ट्वीट, जानकारी शेयर करने के लिए कहा जा रहा है.