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UP Elections: BJP के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह सपा की साइकिल पर सवार

भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने सोमवार को अखिलेश यादव से मुलाकात की. इस दौरान उनके समर्थक भी मौजूद रहे. उनके पार्टी में शामिल होने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया 'सपा का बढ़ता कारवां'.

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पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह सपा में शामिल हुए
पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह सपा में शामिल हुए
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व भाजपा विधायक राम इकबाल सिंह समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए
  • केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार की कई बार आलोचना कर चुके हैं

यूपी में बलिया की चिलकहर विधानसभा से भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह (Ram Iqbal singh) सोमवार को अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) में शामिल हो गए. इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh yadav) ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई.

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बता दें कि भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने सोमवार को अखिलेश यादव से मुलाकात की. इस दौरान उनके समर्थक भी मौजूद रहे. उनके पार्टी में शामिल होने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया 'सपा का बढ़ता कारवां'.

 

राम इकबाल सिंह कई बार मोदी सरकार की आलोचना को लेकर सुर्खियों में आ चुके हैं. उन्होंने कृषि कानूनों पर भी केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए कहा था कि ये कानून वापस लेना चाहिए. अगर किसानों के हित से बारे में सोचना है तो बेहतर है कि सरकार किसानों से सहमति लेकर नया बिल लेकर आए. इतना ही नहीं, उन्होंने कहा था कि सरकार को किसानों के खून से नहाने की आदत अब बंद कर देनी चाहिए.

पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' मामले पर कहा था कि उनके उकसावे वाले भाषण की वजह से ही लखीमपुर खीरी कांड हुआ था. सरकार ने लखीमपुर कांड को लेकर अपनी किरकिरी कराई है. इससे विपक्षियों को राजनीति करने का मौका मिल गया है.

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गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व विधायक व प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राम इकबाल सिंह पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर लगातार निशाना साधते रहे हैं. राम इकबाल सिंह ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाए थे.


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