उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की एक सीट है गंगोह विधानसभा सीट. ये सीट साल 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी. गंगोह विधानसभा सीट सामान्य सीट है. इस विधानसभा सीट के लिए पहली दफे 2012 के विधानसभा चुनाव में वोट डाले गए थे. सहारनपुर जिले के गंगोह विधानसभा क्षेत्र के मतदाता आम चुनाव में कैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनने के लिए मतदान करते हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गंगोह विधानसभा सीट बनने के बाद से इस सीट पर अब तक दो दफे विधानसभा चुनाव और एक दफे उपचुनाव हुए हैं. 2012 में इस सीट पर कांग्रेस के प्रदीप चौधरी विजयी रहे थे. 2012 के चुनाव में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था. तब बीजेपी के उम्मीदवार को पांचवे स्थान से संतोष करना पड़ा था.
2017 का जनादेश
गंगोह विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में कांग्रेस के निवर्तमान विधायक प्रदीप चौधरी ने पाला बदल लिया. 2012 में कांग्रेस से विधायक रहे प्रदीप चौधरी ने 2017 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते भी. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदीप चौधरी को कैराना लोकसभा सीट से मैदान में उतारा और वे सांसद निर्वाचित हो गए. प्रदीप चौधरी के सांसद निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई गंगोह विधानसभा सीट पर 2019 में उपचुनाव हुए. उपचुनाव में बीजेपी के कीरत सिंह ने कांग्रेस के नोमान मसूद को छह हजार से अधिक वोट के अंतर से हरा दिया.
सामाजिक ताना-बाना
गंगोह विधानसभा क्षेत्र में अनुमानों के मुताबिक मुस्लिम, गुर्जर और दलित आबादी अधिक है. अनुमानों के मुताबिक इस क्षेत्र में मुस्लिम, गुर्जर और दलित मतदाताओं के साथ ही ठाकुर, सैनी, कश्यप, ब्राह्मण, बनिया मतदाता भी चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं. जनवरी 2021 की मतदाता सूची के मुताबिक गंगोह विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 77 हजार 650 मतदाता हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
गंगोह विधानसभा सीट से 2019 के उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए कीरत सिंह का जन्म 3 जनवरी 1967 को सहारनपुर जिले की तहसील रामपुर मानिहारान के उमाही कलां गांव में हुआ था. कीरत सिंह किसान के बेटे हैं और उनके भाई ठेकेदारी कराते हैं. गुर्जर बिरादरी से आने वाले कीरत सिंह भी भाई के साथ ठेकेदारी कराया करते थे. कीरत सिंह का विवाह 3 मार्च 1989 को हुआ था.